राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 9 गणित नया सिलेबस का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह संशोधित पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। नए पाठ्यक्रम में गणित को अधिक व्यावहारिक, तर्क आधारित और वास्तविक जीवन से जुड़ा बनाने पर जोर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब अरिथमेटिक प्रोग्रेशन (एपी) और ज्योमेट्रिक प्रोग्रेशन (जीपी) जैसे उन्नत विषयों को भी कक्षा 9 में शामिल किया गया है। कक्षा 9 गणित नया सिलेबस में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले जो विषय कक्षा 10 और 11 में पढ़ाए जाते थे, उन्हें अब कक्षा 9 में शामिल किया गया है।
नए पाठ्यक्रम में जोड़े गए प्रमुख विषय: अरिथमेटिक प्रोग्रेशन, ज्योमेट्रिक प्रोग्रेशन, प्रायिकता, फाइनेंशियल मैथ्स से जुड़े वृद्धि-क्षय के पैटर्न कुल मिलाकर अब कक्षा 9 के गणित में 15 अध्याय होंगे। नए पाठ्यक्रम में कुछ पुराने अध्यायों को भी हटाया गया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: कंस्ट्रक्शन्स, पैरललोग्राम, त्रिभुज के क्षेत्रफल से जुड़े अध्याय हालांकि कई महत्वपूर्ण अध्याय पहले की तरह बने रहेंगे। संख्या पद्धति, बहुपद, निर्देशांक ज्यामिति, त्रिभुज,चतुर्भुज, वृत्त, हीरोन का सूत्र, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन, सांख्यिकी नई पाठ्यचर्या में गणित को “सार्वभौमिक भाषा” बताया गया है, जो तर्क, रीजनिंग और पैटर्न के माध्यम से दुनिया को समझने में मदद करती है।
संख्याएं और आकृतियां विद्यार्थियों को प्रकृति, तकनीक और दैनिक जीवन की प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर देती हैं। गणित केवल सिद्धांत नहीं बल्कि इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों की प्रगति का आधार माना गया है।
नए पाठ्यक्रम में गणित शिक्षा के कई प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं:
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तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करना
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समस्या समाधान की क्षमता मजबूत करना
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गणितीय विचारों को सही भाषा और प्रतीकों में व्यक्त करना
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गणित के प्रति रुचि और सम्मान बढ़ाना
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इसे वास्तविक जीवन और अन्य विषयों से जोड़ना
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आत्मविश्वास, सटीकता और अनुशासन विकसित करना
बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल गोपाल दीक्षित के अनुसार नई पाठ्यचर्या में अभ्यास को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। नियमित और समझ-आधारित अभ्यास से गणना क्षमता, समस्या समाधान कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि अब केवल अधिक सवाल हल कराने पर नहीं बल्कि उद्देश्यपूर्ण और समझ के साथ अभ्यास पर जोर दिया जाएगा।
यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 की भावना के अनुरूप किए गए हैं। इनका उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को कम करके समझ, अनुप्रयोग और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों के अनुसार नया पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की शैक्षिक और तकनीकी चुनौतियों के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।






