गऊशाला पश्चिमी में अचल संपत्ति की खरीदारी के विवाद आक्रोश, दो मकान खरीदने वाले मुस्लिमों पर कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। शहर के गऊशाला पश्चिमी मोहल्ले में हाल ही में गैर सम्प्रदाय के लोगों द्वारा की गई दो प्रॉपर्टी खरीद के बाद स्थानीय बाशिंदों और हिंदू संगठनों ने सामूहिक विरोध शुरू कर दिया है। क्षेत्र को हिंदू बहुल्य मानते हुए निवासियों ने मुस्लिम समुदाय के खरीदारों के यहां बसने पर कड़ा ऐतराज जताया है। विरोध प्रदर्शन के बीच इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका देखते हुए पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गऊशाला पश्चिमी मोहल्ले में मुस्लिम समाज के दो व्यक्तियों द्वारा मकान और प्लॉट खरीदने पर स्थानीय निवासियों का विरोध उभरकर सामने आया है। बुधवार को मोहल्लेवासी हिंदू संगठनों के साथ सड़क पर उतरे और चौराहे पर धरना देकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों की भी मौजूदगी देखी गई। धरने की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से वार्ता कर स्थिति को शांत रखने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराज़गी स्पष्ट शब्दों में व्यक्त की और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
इसी दौरान क्षेत्र में एक नया बैनर लगाया गया है, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 2 से 4 बजे तक चलने वाली विरोध बैठक की घोषणा की गई है। बैनर में लिखा गया है कि हिंदू बस्ती में मुस्लिमों द्वारा दो मकान खरीदे जाने के विरोध में सामूहिक आंदोलन चलाया जाएगा। धरने में शामिल निवासी रामकुमार ने बताया कि वर्षों से गऊशाला पश्चिमी को हिंदू बस्ती के रूप में जाना जाता है। उनका आरोप है कि हाल ही में मुस्लिम समुदाय के दो व्यक्तियों ने एक मकान करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये में और एक प्लॉट भारी रकम देकर खरीदा है, जिस पर मोहल्ले में आपत्तियां उठ रही हैं।
रामकुमार के अनुसार, उन्होंने खरीदारों से आग्रह किया था कि वे मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्र में संपत्ति खरीदें ताकि किसी प्रकार का तनाव न पैदा हो, मगर खरीदारों द्वारा इस आग्रह को अनदेखा किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदारों के परिवार के लोग अब यहां रहने लगे हैं और कुछ दिनों से इलाके में मीट व अंडे के अवशेष मिलना शुरू हो गया है, जिससे विवाद बढ़ने की आशंका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि 19 दिसंबर को उन्होंने एसएसपी को ज्ञापन देकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था।
रामकुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और यदि माहौल बिगड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। निवासियों ने कहा कि वे संपत्तियों को बिकवाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन मुस्लिम परिवारों के मोहल्ले में रहने पर किसी भी हाल में सहमति नहीं दी जाएगी। लोगों का कहना है कि महिलाओं और बच्चियों का सुरक्षित आवागमन प्रभावित हो रहा है और समाज किसी भी तरह की साम्प्रदायिक खाई पैदा करना नहीं चाहता।






