मुजफ्फरनगर में श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल, बागपत के जैन धर्म के प्रमुख त्रिलोक तीर्थ धाम में किए भगवान ऋषभदेव के दर्शन
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने जनपद मुजफ्फरनगर से बागपत तक आयोजित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए धर्म यात्रा की। इस दौरान उन्होंने शहर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा श्रवण किया तथा बागपत में स्थित जैन समाज के प्रमुख त्रिलोक तीर्थ धाम में दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजनों में उनकी सहभागिता ने सनातन परंपरा, जैन दर्शन और आध्यात्मिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया।

मुजफ्फरनगर शहर के झांसी की रानी रोड स्थित सनातन धर्मसभा भवन में समस्त अग्रवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भाग लिया। यहां पर कथा का वाचन कथा वाचक हिमेश शास्त्री द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजक परिवार के सदस्य अभिनव अग्रवाल ने मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ कथा का अमृतमय श्रवण करते हुए कहा कि ऐसे दिव्य आयोजनों में शामिल होकर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होती है।

इसके अलावा मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा क्षेत्र के द्वारिकापुरी स्थित शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भी मंत्री कपिल देव ने कथा व्यास मोहित शास्त्री के श्रीमुख से कथा श्रवण किया।

उन्होंने कथावाचक का आशीर्वाद प्राप्त किया। यहां पर पूर्व सभासद विवेक गर्ग ने मंत्री का परिवार सहित स्वागत सत्कार किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे परिसर में भक्ति व आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

धर्म यात्रा के इसी क्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल बागपत जिले के बड़ा गांव स्थित जैन समाज के प्रमुख त्रिलोक तीर्थ धाम भी पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान ऋषभदेव को समर्पित भव्य जैन मंदिर में दर्शन किए।

लगभग 317 फीट ऊंचा और 16 मंजिला यह मंदिर जैन प्रतीक के आकार में निर्मित है, जिसमें 31 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा सहित हजारों प्रतिमाएं स्थापित हैं। जैन धर्म के तीनों लोक अधोलोक, मध्यलोक और ऊर्ध्वलोक के प्रतीक इस तीर्थ में पहुंचकर उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

अपनी इस धर्म यात्रा को लेकर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा विविध धर्मों और आस्थाओं के संगम से समृद्ध हुई है। श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन समाज को भक्ति, नैतिकता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, वहीं जैन धर्म का दर्शन अहिंसा, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। ऐसे पावन आयोजनों में सहभागिता से समाज में आध्यात्मिक चेतना मजबूत होती है और हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य होता है।





