हैड मोहर्रिर के खिलाफ इंस्पेक्टर ने दर्ज कराया आपराधिक विश्वासघात के आरोप में मुकदमा,
मुजफ्फरनगर। शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली नई मंडी कोतवाली से लाखों रुपये नकद, कीमती जेवरात और हथियारों के साथ ही करतूस अचानक ही गायब हो गये। इस माल का अचानक गायब हो जाना न सिर्फ पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि अफसरों की दो साल की चुप्पी ने मामले को और भी संदेहास्पद बना दिया है। कोतवाली के मालखाने से करीब 19 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात और हथियार एवं कारतूस ग़ायब होने के मामले में इंस्पेक्टर ने आरोपी हेड मोहर्रिर के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। अफसरों ने वर्षों तक मामले को दबाए रखा, लेकिन अब जांच कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कोतवाली में ही हुई इस रहस्मयी चोरी को छिपाने के लिए चली अंदरूनी सांठगांठ की परतें खुलने लगी हैं।
नई मंडी कोतवाली में इंस्पेक्टर दिनेश चन्द बघेल ने तहरीर देकर कोतवाली के मालखाने में हुई माल मुकदमाती की रहस्यमयी चोरी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरअसल इंस्पेक्टर दिनेश बघेल पूर्व में नई मंडी कोतवाली के प्रभारी रहे हैं। उनके द्वारा कोतवाली में माल मुकदमाती के गायब होने के सम्बंध में एसएसपी के निर्देश पर तहरीर दी, जिस पर सोमवार की देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इंस्पेक्टर दिनेश बघेल ने अपनी तहरीर में बताया कि 29 सितम्बर 2017 से 31 मार्च 2023 तक नई मंडी कोतवाली में नरेन्द्र कुमार सिरोही हैड मोहर्रिर के पद पर तैनात रहे हैं। नरेन्द्र मंडी कोतवाली से ही प्रमोशन पाने के लिए उप निरीक्षक के रूप में रिटायर्ड हुए, कोतवाली के मालखाने का चार्ज हैड मोहर्रिर होने के कारण उनके पास ही रहा। आरोप है कि 31 मार्च 2023 को रिटायर्ड होने के उपरांत नरेन्द्र सिरोही ने कोतवाली के नये हैड मोहर्रिर को रिटायर्ड होने के उपरांत मालखाना चार्ज सम्पूर्ण रूप से नहीं दिया। इसके लिए तत्कालीन थाना प्रभारी ने अपै्रल, मई और जुलाई माह 2024 में नरेन्द्र सिरोही को नोटिस तामील करते हुए चार्ज सम्पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिये थे।
इसी बीच 20 जुलाई 2024 को सीओ नई मंडी ने कोतवाली का निरीक्षण किया और माल कम पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रिटायर्ड हैड मोहर्रिर को कोतवाली बुलाकर मालखाना का कम माल पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिये। इस पर थाना प्रभारी ने 05 सितम्बर 2024 को नोटिस दिया। थाने का चार्ज इंस्पेक्टर दिनेश बघेल के पास आया तो उनके द्वारा भी आरोपी नरेन्द्र सिरोही को अक्टूबर और नवम्बर 2024 के साथ ही 23 जनवरी 2025 को भी नोटिस भेजकर कोतवाली तलब किया था, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद भी आरोपी ने कम माल मुकदमाती को पूर्ण नहीं कराया।
इसी बीच सीओ नई मंडी रूपाली राय चौधरी ने 06 फरवरी 2025 को कोतवाली का निरीक्षण किया, तो माल कम ही मिला, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने थाना इंचार्ज दिनेश बघेल को आरोपी को बुलाकर माल पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिये थे। उन्होंने 09 फरवरी को आरोपी के नाम एक बार फिर नोटिस तमील कराते हुए कोतवाली आकर माल मुकदमाती पूर्ण कराने के निर्देश दिये, इसके साथ ही इस प्रकरण में जांच के लिए सीओ नई मंडी को एक कमेटी का गठन करने के लिए रिपोर्ट भी प्रेषित की। इसमें डीआईजी सहारनपुर ने 21 फरवरी को एसएसपी को एक कमेटी गठित करने के आदेश जारी किये। गठित कमेटी द्वारा नई मंडी कोतवाली का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध माल मुकदमाती की लिस्ट तैयार करने के बाद मालखाने का चार्ज कोतवाली के हैड मोहर्रिर ब्रज कुमार को सौंप दिया।
कमेटी की जांच में मालखाने में काफी माल कम पाया गया, जिसमें 19 लाख 79 हजार 140 रुपये नकद, आभूषण और कारतूस एवं तमंचे शामिल हैं। कमेटी गठन के बाद कम पाये गये माल को पूर्ण कराने के लिए आरोपी हैड मोहर्रिर नरेन्द्र सिरोही को फोन के साथ ही लिखित नोटिस 24 अपै्रल और 24 जुलाई को तामील कराये गये, लेकिन नरेन्द्र सिरोही आज तक भी कोतवाली में नहीं पहुंचे। इंस्पेक्टर दिनेश बघेल ने अपनी तहरीर में कहा कि इससे साफ है कि नरेन्द्र सिरोही ने कोतवाली मंडी के मालखाने से कम पाये गये माल का गबन किया है। इसके लिए उन्होंने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की संस्तुति के साथ एसएसपी को एक अगस्त 2025 को अपनी रिपोर्ट दी, जिस पर एसएसपी ने एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और उन्होंने सीओ नई मंडी को कार्यवाही के निर्देश दिये, 29 सितम्बर की रात आरोपी हैड मोहर्रिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिस दिन कोतवाली में संभाला चार्ज, उसी दिन हुआ मुकदमा
मुजफ्फरनगर। यूपी पुलिस से उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने वाले नरेन्द्र सिरोही के खिलाफ कार्यवाही को लेकर एक संयोग भी बना दिखाई दिया है। नई मंडी कोतवाली में हैड मोहर्रिर का चार्ज संभालने वाले नरेन्द्र पर मालखाना चार्ज सम्पूर्ण रूप से नहीं देने और कम पाये गये माल को लेकर करीब दस बार थाना प्रभारियों के द्वारा नोटिस तामील कराये जाने, फोन पर सम्पर्क करने के बावजूद भी कोतवाली नहीं आने या अपना पक्ष नहीं रखने के कारण मुकदमा दर्ज किया गया है। नरेन्द्र सिरोही ने साल 2017 में 29 सितम्बर के दिन ही मंडी कोतवाली में चार्ज ग्रहण किया था और इसके करीब आठ साल बाद 29 सितम्बर को ही उनके खिलाफ माल मुकदमाती में बड़ा गबन करने के आरोप में एफआईआर नम्बर 486/25 दर्ज हुई है।
नोटबंदी में बैंक में जमा नहीं किये 17 लाख के पुराने नोट
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली में इंस्पेक्टर दिनेश बघेल के द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमे में करीब साढ़े पांच साल की तैनाती में हैड मोहर्रिर के नाम माल मुकदमाती को लेकर कई गड़बड़ी के आरोप लगाये गये हैं। इनमें नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों को बैंकों में न बदलना भी शामिल है। दर्ज किये गये मुकदमे के अनुसार इंस्पेक्टर दिनेश बघेल ने जो रिपोर्ट एसएसपी संजय वर्मा को भेजी है, उसमें स्पष्ट किया गया है कि डीआईजी के आदेश पर गठित जांच समिति के समक्ष यह प्रकरण भी आया कि नई मंडी कोतवाली के मालखाने में 17 लाख 01 हजार 665 मूल्य की पुरानी (वर्तमान में प्रचलन से बाहर) भारतीय करेंसी के नोट भी मौजूद हैं। कहा गया है कि नोटबंदी के दौरान पुरानी करेंसी बन्द हो गई थी। माल मुकदमाती के रूप में कोतवाली मंडी के मालखाने में जमा ये रकम बैंक में नई करेंसी से बदलवाने की जिम्मेदारी हैड मोहर्रिर की ही थी, लेकिन इनको बदलवाया नहीं गया।






