मनचले की हरकतों से परिवार परेशान, तीन बार बेटी का अपहरण कर किया दुष्कर्म

पुलिस पर पीड़ित परिवार ने लगाया सुनवाई न करने का आरोप, एसएसपी से न्याय के लिए की गुहार

मुज़फ्फरनगर। थाना छपार क्षेत्र के एक गांव से 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बार फिर से सवालों के घेरे में खड़ा किया है। पुलिस मिशन शक्ति में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार बता रही है, उनको न्याय के लिए पुलिस के मिशन शक्ति केन्द्रों तक आने के लिए प्रेरित कर रही है, लेकिन इस प्रचार के बावजूद भी पुलिस शिकायतों पर गंभीर नहीं है।
एक परिवार मनचले युवक की हरकतों से इतना परेशान है कि तीन मुकदमे दर्ज कराये जाने के बाद भी युवक के खौफ से परिवार को निजात नहीं मिली हे। इस एक ही आरोपी द्वारा तीन बार इस परिवार की नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया, उसके साथ रेप किया गया और बावजूद इसके पुलिस ने परिवार की अब कोई सुनवाई नहीं की, एक बार जेल भेजने के बाद पुलिस ने दो अन्य मुकदमों में अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया है।
पीड़िता के पिता और माता ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अफसरों को अपनी पीड़ा सुनाई। पिता ने एसएसपी के नाम एक प्रार्थना पत्र दिया, इसमें बताया कि गांव बढ़ेड़ी निवासी आकाश पुत्र राजू प्रजापति ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। आकाश ने साल 2024 में उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर उसके साथ अमानवीय कृत्य किया था। इस मामले में थाना छपार में मु0अ0स0 004/24 धारा 378, 328, 504, 506 आईपीसी व पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। आरोपी को पकड़कर पुलिस ने किशारी को बरामद किया और उसको जेल भेज दिया था, कुछ समय बाद जमानत पर रिहा हो गया। आरोप है कि रिहा होने के बाद उसने दोबारा स्कूल से ही उनकी लड़की को अगवा किया, जिसके लिए नया मुकदमा मु0अ0स0 227/25 छपार थाने में दर्ज हुआ। इस बार भी पुलिस द्वारा लड़की को आकाश के कब्जे से बरामद किया गया लेकिन आरोपी को जेल नहीं भेजा गया।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि तीसरी बार फिर से आरोपी आकाश ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके लिए छपार थाने पर आकाश के खिलाफ मु0अ0स0 250/25 दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस आरोपी को संरक्षण देती प्रतीत हो रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार थाना छपार जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। अब वह न्याय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी आकाश और उसके सहयोगी गौरव पर वारंट जारी कर कुर्की की कार्रवाई की जाए और उनकी नाबालिग बेटी को सुरक्षित बरामद किया जाए, क्योंकि गंभीर कार्यवाही नहीं होने के कारण ही वो बार-बार ऐसी हरकत कर रहा है। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार को आरोपियों के खुलेआम घूमने और बार-बार बच्ची को अगवा करने से गहरा आघात पहुंचा है। पुलिस यदि पहले ही सख्त कार्रवाई करती, तो शायद पीड़िता को तीन बार यह अमानवीय त्रासदी न झेलनी पड़ती।

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