एसआईआर अभियान के बाद मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए, कुल मतदाता संख्या 18.93 लाख के पार हुई
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण के बाद अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया है, जिससे कुल मतदाता संख्या में संतुलित वृद्धि दर्ज की गई है।
मुजफ्फरनगर में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद शुक्रवार को छह विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस अभियान के दौरान जिले में कुल 2.19 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें मृतक, डुप्लीकेट तथा अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता शामिल हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा जारी अंतिम सूची के अनुसार अब जनपद की छह विधानसभा सीटों पर कुल मतदाताओं की संख्या 18.93 लाख से अधिक हो गई है।
गौरतलब है कि एसआईआर अभियान शुरू होने के दौरान जनपद की छह विधानसभा सीटों पर कुल 21 लाख 12 हजार 586 मतदाता शामिल थे। इसके बाद एसआईआर अभियान शुरू हो गया। इसमें जनपद में बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाये गये। छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट रोल यानी अनंतिम मतदाता सूची में 3 लाख 44 हजार 217 मतदाताओं के नाम हटाये गये। इनमें से संदिग्ध मतदाताओं को नोटिस जारी कर खुद को साबित करने का अवसर दिया गया। अनन्तिम मतदाता सूची में 2112586 में से 1769369 मतदाताओं के नाम ही शामिल किये गये थे। इसके बाद लंबी प्रक्रिया चली और अब अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में जनपद में शामिल छह विधानसभा सीटों पर कुल 18 लाख 93 हजार 339 मतदाता शामिल किये गये हैं। अनन्तिम मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं की संख्या की तुलना में अंतिम सूची में 1 लाख 24 हजार 970 से अधिक मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि नए मतदाताओं के पंजीकरण और पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाने के कारण संभव हो सकी है। जबकि एसआईआर अभियान के शुरू होने से पूर्व की मतदाता संख्या की बात करें तो अब अंतिम सूची में आई मतदाता संख्या के तुलनात्मक 2 लाख 19 हजार 247 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं। ये मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित या अनुपस्थित पाये गये मतदाता हैं।
प्रशासन का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था। इस प्रक्रिया के तहत घर-घर सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से सूची को अपडेट किया गया। अधिकारियों के अनुसार संशोधित सूची आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी और इससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता को मजबूती मिलेगी।






