पालिका भूमि पर बने शौचालय को सभासद पति ने बना लिया था अपना कार्यालय, पालिका के खिलाफ चले गए थे कोर्ट
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका की भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कब्जे के विवाद का समाधान प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद हुआ। अब इस भूमि का उपयोग मलिन बस्ती के बच्चों की शिक्षा के लिए अस्थायी विद्यालय बनाने में किया जाएगा। शहर के रुड़की रोड स्थित वार्ड 32 जनकपुरी क्षेत्र में नगरपालिका की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई राज्य मंत्री कपिल देव के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में नगरपालिका अधिकारियों द्वारा की गई।
बताया जा रहा है कि इस भूमि पर पूर्व में शिवभक्त कांवड़ यात्रियों की सुविधा और आसपास की बस्ती में निवास कर रहे परिवारों के लिए नगरपालिका द्वारा सरकार के खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत सरकारी भूमि पर शौचालय का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि वर्तमान सभासद सुनीता के पति सलेक चंद, जो खुद भी पूर्व में इस क्षेत्र से पालिका सभासद निर्वाचित रहे हैं, ने इस सरकारी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था और इसे अपने कार्यालय के रूप में उपयोग कर रहे थे। इस मामले को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर विवाद और शिकायतें भी सामने आई थीं।
इन शिकायतों का संज्ञान लेकर नगरपालिका द्वारा पूर्व में कब्जाधारी सभासद पति को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां कब्जाधारी ने नगरपालिका के द्वारा कब्जा हटवाने के लिए की जा रही कार्रवाई को गलत करार देकर अपील दायर की, हालांकि न्यायालय की ओर से यथास्थिति बनाए रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। कोर्ट में अपील होने पर नगरपालिका परिषद् की ओर से कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया गया। अब नगर विधायक और मंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन हरकत में आया और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कब्जाधारी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि भूमि पर उनका कोई वैध अधिकार नहीं है। इसके बाद मौके पर ही ताला तोड़कर कब्जा हटाया गया और भूमि को पुनः नगरपालिका के अधीन कर दिया गया।
नगरपालिका के सहायक अभियंता निर्माण नैपाल सिंह ने बताया कि मंत्री कपिल देव क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे थे, जहां मलिन बस्ती के निवासियों ने बच्चों के लिए विद्यालय की मांग उठाई थी। इसी के तहत भूमि की तलाश की जा रही थी और यह स्थल उपयुक्त पाया गया। ऐसे में यहां पर सभासद पति का कब्जा पाये जाने पर इसको लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये थे। यहां सिटी मजिस्ट्रेट के मार्गदर्शन में अवैध कब्जा हटवाकर सम्पत्ति पर पालिका काबिज हो गई है। अब इस स्थान पर मलिन बस्ती के बच्चों के लिए अस्थायी प्राथमिक विद्यालय स्थापित किया जाएगा, ताकि उन्हें शीघ्र शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही स्थायी विद्यालय के निर्माण के लिए आसपास सरकारी भूमि की तलाश भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए मंत्री द्वारा एसडीएम, नगरपालिका अधिकारियों और लेखपालों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। कब्जा हटवाने के दौरान सभासद पति सलेकचंद भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है और स्थानीय लोगों ने बच्चों की शिक्षा के लिए उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।






