रियाद: सऊदी अरब की सरकार ने विदेशी कामगारों को नौकरी देने से जुड़े नियमों में बदलाव किया हैं। नए नियमों में नियोक्ता यानी नौकरी देने वाले और कामगार दोनों के लिए बदलाव है। गल्फ न्यूज ने रविवार को बताया है कि अधिकारियों ने अपने नागरिकों के लिए घरेलू नौकर की भर्ती संबंधी नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों में कहा गया है कि कोई 24 साल से कम का अविवाहित घरेलू नौकर को काम पर नहीं रख सकता है। अब किसी के घरेलू कामगार के लिए वीजा जारी करने की उसकी पात्रता को प्रक्रिया के हिस्से के रूप में सत्यापित किया जाएगा। साथ ही काम देने वाले शख्स को मानव संसाधन मंत्रालय के माध्यम से घरेलू कामगार के पेशे और राष्ट्रीयता का चयन करना होगा और भर्ती कार्यालय को जानकारी देते हुए आवेदन जमा करना होगा। अरब ने बीते साल अक्टूबर में घरेलू कामगारों को काम पर रखने के लिए नए नियम पेश किए थे। जिनके अनुसार 21 साल से कम के व्यक्ति को काम पर नहीं रखा जा सकता है। अनुबंध की एक निश्चित अवधि पर जोर देते हुए नियमों में नियोक्ता पर बकाया राशि, प्रथम-डिग्री ऋण को भी देखा जाएगा। इसके अलावा अगर निश्चित अवधि का उल्लेख नहीं किया गया है तो अनुबंध को कर्मचारी द्वारा कार्य करने की तिथि से एक वर्ष के लिए नवीकरणीय माना जाएगा। नए नियमों में घरेलू सहायक के दैनिक कामकाजी घंटे 10 घंटे निर्धारित किए गए हैं और वह साप्ताहिक भुगतान के साथ 24 घंटे के आराम का हकदार होगा। नए नियम नियोक्ता को घरेलू कामगार के पासपोर्ट और व्यक्तिगत दस्तावेज या सामान जमा करने से रोकते हैं। ये नियम ड्राइवर, घर में साफ-सफाई करने वाला, रसोइया, गार्ड, किसान, लिव-इन नर्स, ट्यूटर और आया के लिए लागू होंगे। सऊदी सरकार के नए नियमों का असर भारतीय कामगारों पर भी होगा क्योंकि भारत से बड़ी संख्या में कामगार सऊदी अरब जाते हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक करीब 26 लाख भारतीय सऊदी अरब में काम करते हैं। इनमें ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में हैं, जो घरेलू कामगारों की श्रेणी में आते हैं। हर साल काफी संख्या में लोग घरेलू कामगार के लिए जारी वीजा पर सऊदी जाते हैं। सऊदी मानव संसाधन मंत्रालय ने वीजा से जुड़े नियमों को बताने के लिए नियोक्ताओं के लिए मुसनेड नाम का प्लेटफॉर्म भी बनाया है।

डी एस पब्लिक स्कूल के गर्व गोयल ने 90% अंक हासिल किए
मुजफ्फरनगर। डी एस पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र गर्व गोयल ने सीबीएसई हाई स्कूल परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। गर्व गोयल वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिज्ञ राजीव गोयल के सुपुत्र हैं। इसे भी पढ़ें: चोरों ने बालाजी मंदिर को बनाया निशाना, दानपात्र से 20 हजार रुपये और चांदी का छत्र चोरीगर्व गोयल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव





