नदीम के भरतिया कालोनी में खरीदे मकान में सरकारी नाला होने के आरोप

मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र के भरतिया कालोनी में दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा खरीदे गये मकान का विवाद दिन प्रतिदिन नये मोड़ ले रहा है। हिन्दू संघर्ष समिति के द्वारा बुधवार को भी इस प्रकरण में विवादित मकान में सरकारी भूमि होने के आरोप लगाते हुए मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ;एमडीएद्ध कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा और जांच कराये जाने की मांग की है। हिन्दूवादी नेताओं का कहना है कि मकान में जो बैनामा कराया गया है, उसमें भूमि कम दर्शायी गई है, जबकि मौके पर लोगों ने जो पैमाइश की है, उसमें भूमि ज्यादा बैठ रही है। उन्होंने कहा कि यहां पर सरकारी नाले को मकान के अंदर लेकर अवैध कब्जा किया गया है।

इसे भी पढ़ें:  आईपीएस सिद्धार्थ के. मिश्रा बने सीओ सिटी, मंडी से फुगाना गई रूपाली राय

हिन्दू संघर्ष समिति के संयोजक संजय मिश्रा के नेतृत्व में बुधवार को हिन्दूवादी संगठनों के प्रतिनिधि मेरठ रोड स्थित एमडीए कार्यालय पर पहुंचे और वहां भरतिया कालोनी में मौहम्मद नदीम व अन्य लोगों के द्वारा खरीद किये गये वाल्मीकि बस्ती के मकान की जांच कराये जाने को लेकर प्रदर्शन किया। संजय मिश्रा ने बताया कि समिति की ओर से एक ज्ञापन एमडीए के सचिव आदित्य प्रजापति को दिया गया है। इसमें मांग करते हुए कहा गया कि इस मकान का जो बैनामा मौहम्मद नदीम आदि के द्वारा तहसील से कराया गया है, उसमें भूमि 333 वर्ग गज दर्शाते हुए पैमाइश 30 गुना 100 दर्शायी गयी है। जबकि मौहल्ले के लोगों ने इस मकान की भूमि की पैमाइश की तो यह करीब 475 वर्गगज बैठ रही है। उन्होंने कहा कि तथ्य छिपाते हुए इस मकान का बैनामा कराया गया है। आरोप है कि इस मकान के पास सरकारी नाले की भूमि को भी अवैध कब्जा करते हुए मकान में मिलाया गया है। हिन्दू संघर्ष समिति ने एमडीए से मामले में जांच कराकर सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने की मांग की है। संजय ने बताया कि एमडीए सचिव ने प्रकरण में जांच कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान मुख्य रूप से नरेन्द्र पंवार उर्फ साधु, ललित माहेश्वरी, अरूण प्रताप, मुकेश त्यागी, देवेन्द्र चौहान, अरूण शर्मा सहित अन्य हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

इसे भी पढ़ें:  चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप लाई 248 करोड़ रुपये का बजट

Also Read This

मुजफ्फरनगर-भाजपा नेता की पत्नी के चुनाव के खिलाफ दायर याचिका खारिज

एडीजे-4 कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में रजनी गोयल की इलेक्शन पिटीशन निरस्त की, एक वोट से हार-जीत का मामला ढाई साल बाद निपटा

Read More »