MUZAFFARNAGAR-एमआईटूसी कंपनी के खिलाफ डीएम से शिकायत

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के साथ काम कर रही एमआईटूसी कंपनी द्वारा एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिये जाने के कारण हंगामा जारी है। शुक्रवार को मुख्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने डीएम उमेश मिश्रा से मिलकर अपनी पीड़ा उनको बताई और ज्ञापन सौंपते हुए कंपनी पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग करते हुए नौकरी से निकाले गये कर्मचारियों को जॉब वापस दिलाने का आग्रह किया।

नगरपालिका के साथ अनुबंध के आधार पर दिल्ली की कंपनी एमआईटूसी कूड़ा निस्तारण के लिए काम कर रही है। इसमें कंपनी के साथ करीब 300 कर्मचारी लगे हुए हैं। पिछले दिनों हड़ताल और तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए कंपनी ने 10 चालकों और 3 सुपरवाईजरों को नौकरी से हटा दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने भी कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वो आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी के लोगों ने यूजर चार्ज, ईएसआई, पीएफ आदि में करोड़ों रुपये का घपला करने के आरोप लगाये गये हैं।

शुक्रवार को इन्हीं ओरोपों को लेकर कर्मचारी डीएम उमेश मिश्रा से मिले और ज्ञापन सौंपा, इसमें बताया गया कि कंपनी द्वारा शहर में बनाये गये जोन तीन में यूजर चार्ज वसूलने के बाद सुपरवाईजरों ने कंपनी कार्यालय पर जमा करा दिया, लेकिन इसके बाद भी उन पर पैसा बकाया दिखाया जा रहा है। जोन इंचार्ज कुलदीप पुण्डीर, अनुभव त्यागी और निशांत प्रजापति पर आरोप लगाया कि वो सुपरवाइजरों से हर माह रुपये मांगते हैं। वेतन समय से नहीं दिया जाता है। देयकों की कटौती वेतन से करने के बावजूद भी वो पैसा सम्बंधित मद में उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ईएसआई मद में कटौती का लाभ भी कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। यह पैसा कंपनी और कंपनी के साथ काम कर रहे लोग घालमेल कर गये हैं। कर्मचारियों ने इसकी जांच कराये जाने की मांग की है। इस दौरान मुख्य रूप से संदीप, जितेन्द्र, संजय, आजाद, अंश वशिष्ठ, संदीप कुमार, ओमवीर सिंह आदि कर्मचारी शामिल रहे। 

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