सभासद हुए नाराज-शहर में टैक्स वृद्धि का फैसला टला

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की बोर्ड बैठक में एक बार फिर से सभासदों ने टैक्स बढ़ाये जाने के पालिका प्रशासन के प्रस्ताव पर अपना भारी विरोध दर्ज कराया। पूरे सदन में सभासद टैक्स बढ़ाये जाने के विरोध में नजर आये। सभासदों की नाराजगी और सदन की सहमति पर पालिका ने टैक्स प्रस्ताव को फिलहाल टालते हुए इसमें संशोधन का निर्णय लिया है। बोर्ड ने मांग की है कि आवासीय भवनों पर टैक्स दर यथावत रखते हुए शहर के व्यवसायिक भवनों पर 20 प्रतिशत की वृ(ि लागू की जाये और नये क्षेत्र के साथ ही छूटी संपत्तियों को भी टैक्स के दायरे में लाया जाये तो पालिका की आय में काफी बढ़ोतरी होगी। करीब 75 मिनट चली इस बोर्ड मीटिंग में कुल 77 प्रस्ताव वाला एजेंडा सामने रखा गया था, जिसमें से करीब 78 करोड़ रुपये के विकास कार्यों वाले 76 प्रस्ताव सहमति से पारित किये गये, जबकि एक प्रस्ताव निरस्त किया गया है।

नगरपालिका परिषद् में गुरूवार को बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कर ही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने शहीद दिवस पर मौन धारण के पश्चात एजेंडा सदन के सम्मुख प्रस्तुत किया और गत कार्यवाही की पुष्टि के साथ ही 77 प्रस्तावों को बारी-बारी से चर्चा के लिए पेश किया गया। इसमें प्रस्ताव संख्या 429 पर सभासदों ने एकजुटता के साथ चेयरपर्सन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, अन्नू कुरैशी, योगेश मित्तल, शौकत अंसारी, मौहम्मद खालिद, रजत धीमान, अर्जुन कुमार सहित अन्य सभासदों ने इस प्रस्ताव के माध्यम से शहरी क्षेत्र की अचल सम्पत्तियों पर टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय का विरोध करते हुए इसको जनहित के खिलाफ बताया।

सभासदों का कहना था कि अभी तक पालिका पूरी सम्पत्तियों पर टैक्स निर्धारण ही नहीं कर पाई है, तो ऐसे में टैक्स बढ़ाने के बजाये छूटी सम्पत्तियों पर टैक्स लागू किया जाये और व्यवसायिक भवनों पर टैक्स बढ़ाया जाये। सदन में प्र्रस्ताव रखा गया कि पालिका के पुराने क्षेत्र के आवासीय भवनों पर टैक्स की दरें यथावत करते हुए सम्पूर्ण शहरी क्षेत्र में आवासीय दरों के मुकाबले व्यावसायिक भवनों पर 20 प्रतिशत की वृ(ि की जाये। इसके साथ ही नव विस्तारित क्षेत्र में भी अचल सम्पत्तियों को दो श्रेणियों पुराना ग्रामीण क्षेत्र और नव विकसित कालोनियों में विभाजित करते हुए यहां पर भी ग्रामीण में 40 पैसे और नव विकसित कालोनियों में 80 पैसे प्रति वर्गफुट की दर से मासिक किराया तय करते हुए कर निर्धारण किया जाये। सदन की सहमति पर इस प्रस्ताव को संशोधन के लिए फिलाहल रोक लिया गया है। संशोधन के बाद अगली बैठक में इसको लाये जाने की तैयारी है। वहीं प्रस्ताव संख 448 में पालिका के स्वामित्व वाले भवनों और दुकानों का किराया अनुबंध और नामांतरण साल 1977 के शासनादेश या 2014 के बोर्ड प्रस्ताव के तहत करने पर बोर्ड की स्वीकृति मांगी गई थी, इस पर विवाद होने की दशा में सदन की सहमति पर इसको निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।

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बोर्ड मीटिंग में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर 55 वार्डों में सड़क और नाली निर्माण सहित अन्य विकास के 196 कार्यों को भी मंजूरी मिली। इन कार्यों पर पालिका 29 करोड़ 75 लाख 46 हजार 900 रुपये खर्च करने जा रही है। मीटिंग में कुल 78 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्तावों को सदन ने अपनी मंजूरी प्रदान की। इसमें जनकल्याण के साथ ही पालिका कर्मियों के हितों के भी कई निर्णय लिये गये हैं।

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बोर्ड मीटिंग में पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, ईओ डॉ. प्रज्ञा के अलावा सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, कुसुमलता पाल, सीमा जैन, राखी पंवार, रितु त्यागी, अनीता हसीब राणा, नौशाद खान, नवाब जहां, ममता बालियान, बबीता वर्मा, रजत धीमान, शौकत अंसारी, हकीम इरशाद, शहजाद चीकू, नौशाद पहलवान, अमित पटपटिया, नवनीत गुप्ता, प्रशांत गौतम, मोहित मलिक, शिवम मुन्ना, अर्जुन प्रजापति सहित कुल 51 सदस्य मौजूद रहे। सभासद पारूल मित्तल, देवेश कौशिक, पूजा पाल और मुसीरा देवी गैर हाजिर रहे। पालिका अधिकारियों में कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव, एई जलकल सुनील कुमार, एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार, जेई जलकल जितेन्द्र कुमार, चीफ योगेश कुमार, सेनेट्री इंस्पेक्टर प्लाक्षा मैनवाल, कार्यवाहक टीएस पारूल यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 

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