प्रयागराज- गैर जनपद से आए एक दरोगा ने वीआईपी घाट पर ड्यूटी में लगे एक लेखपाल की पिटाई कर दी। लेखपाल की ड्यूटी उत्तराखंड के एक विधायक के साथ लगी थी। दरोगा अपने साथ कुछ लोगों को लेकर जबरन वीआईपी घाट पर जाना चाहता था। आरोप है कि लेखपाल के रोकने के बाद दरोगा ने मारपीट शुरू कर दी। संगम वीआईपी घाट पर शनिवार को लेखपाल को दरोगा ने पीट दिया। लेखपाल को चोटे आई हैं। उसको उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जाया गया है। घटना से आक्रोशित लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो लेखपाल वीआईपी स्नान बंद करा देंगे। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद छानबीन शुरू करा दी गई है। लेखपाल सुनील कुमार दुबे को गैर जनपद से आए एक दरोगा ने पीट दिया। लेखपाल उत्तराखंड के एक विधायक के प्रोटोकॉल में लगे हुए थे, जबकि दरोगा अपने साथ आए कुछ लोगों को वीआईपी घाट पर लेकर जाना चाहता था। रोके जाने पर दरोगा अड़ गया कि वह किसी को भी भीतर नहीं जाने देगा। इसी बात पर उसकी लेखपाल से कहासुनी के बाद नोकझोक हुई। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने हाथापाई शुरू कर दी। लेखपाल की ओर से पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है। लेखपालों ने वीआईपी स्नान बंद करने की चेतावनी दी है। वह दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पांच दिन पहले जेल गया था आदिल, शुक्रवार सुबह मौत की खबर आई; परिवार ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
मुज़फ़्फ़रनगर जिला कारागार में बंद 26 वर्षीय विचाराधीन बंदी आदिल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। आदिल महज पांच दिन पहले ही अदालत में पेश होने के बाद जेल भेजा गया था। उसकी मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आदिल को जेल के भीतर प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया। दूसरी ओर जेल प्रशासन इन आरोपों से साफ इनकार करते हुए कह रहा है कि बंदी की तबीयत खराब थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। इसे





