पालिका ने शुरू किया खूंखार बंदरों को पकड़ने का अभियान

मुजफ्फरनगर। लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार नगरपालिका परिषद् की ओर से शहरी क्षेत्र से खूंखार बंदरों को पकड़ने का अभियान सोमवार से शुरू कर दिया गया है। पालिका के साथ हुए अनुबंध के आधार पर ठेकेदार अपनी लेबर और लोहे के पिंजरे लेकर बंदरों को दबोचने के लिए उतरा नजर आया। पहले दिन टीम ने करीब 30 बंदरों को पकड़ा है। उनको दूर जंगल ले जाकर छोड़ा जायेगा।

बता दें कि जनवरी माह में हुई बोर्ड मीटिंग में लोगों की शिकायतों और परेशानियों को देखते हुए नगरपालिका परिषद् ने बंदरों को पकड़वाने का प्रस्ताव पारित किया था। इसमें प्रति बंदर 510 रुपये खर्च करने के पालिका के प्रस्ताव ने बोर्ड ने अपनी स्वीकृति की मुहर लगाई थी। इसमें टीम के ठहरने और आजने जाने का खर्च और बंदोबस्त पालिका को ही करना तय हुआ था। प्रस्ताव पारित होने के बाद भी इसका ठेका नहीं हो पा रहा था। पहले ठेका लेने वाली फर्म ने काम करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद भी कई बार पालिका प्रशासन ने टैण्डर निकाले। इस बीच लोगों के द्वारा लगातार प्रदर्शन कर शहरी क्षेत्र से खूंखार बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। प्रेमपुरी निवासी समाजसेवी बुजुर्ग डॉ. ओमपाल सिंह वर्मा ने शिव चौक पर प्रदर्शन भी किया था। समाजसेवी मनीष चौधरी ने भी इसके लिए ज्ञापन देकर आवाज उठाई थी।

अब नगरपालिका परिषद् की ओर से बंदरों को पकड़ने का अभियान छेड़ दिया गया है। इसका शुभारंभ सोमवार को मौहल्ला प्रेमपुरी से किया गया है। पालिका के अनुबंध के आधार पर ठेकेदार लेबर और लोहे के पिंजरों के साथ प्रेमपुरी पहुंचा और पहले दिन करीब 30 बंदरों को पकड़ा गया है। बताया गया कि प्रेमपुरी में अभी और भी कार्य किया जायेगा। इसके बाद गांधीन कालोनी और नई मंडी पटेलनगर आदि क्षेत्रों में टीम जाकर बंदरों को पकड़ने का काम करेगी। पकड़े गये बंदरों की पालिका अधिकारियों के समक्ष गिनती कराने के बाद ठेकेदार फर्म के कर्मचारी उनको दूर जंगल में ले जाकर छोड़ेंगे। शहरी क्षेत्र को बंदरों से मुक्त करने तक यह अभियान चलाया जायेगा। 

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