लखनऊ- अखिलेश यादव ने दोहराया कि भाजपा सरकार में पुलिस थानों में पोस्टिंग में भेदभाव होता है और ज्यादातर थानों में एक ही जाति के लोगों की पोस्टिंग है। श्री यादव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होने थानों, पुलिस स्टेशनों की पोस्टिंग के आंकड़े सरकार की वेबसाइट से निकाल कर जारी किये है। जब से समाजवादी पार्टी ने आंकड़े उजागर किये है सरकार ने वेबसाइट बंद कर दी और अब थानों के साथ पूरे जिले के पुलिस लाइन के आंकड़ों को मेनुपुलेट कर एक अधिकारी को सफाई देने के लिए आगे कर दिया है। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार पीडीए विरोधी है। उन्होंने चित्रकूट महोबा, प्रयागराज, आगरा, मैनपुरी जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्यादातर थानों में एक ही जाति के लोगों की पोस्टिंग है। 90 फीसदी पीडीए की उपेक्षा हो रही है। उसके साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होने जब से पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग के आंकड़े सरकार की वेबसाइट से निकाल कर सार्वजनिक किये तो सरकार ने वह वेबसाइट ही बंद कर दी।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सामग्री, किताबें वापस लेने के निर्देश
एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने इसे “गहरी और सोची-समझी साजिश” करार देते हुए जांच के निर्देश दिए। कोर्ट ने सभी प्रतियां वापस लेने और दो सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए जिम्मेदार एनसीईआरटी ने वेबसाइट से पुस्तक हटाने के कुछ घंटों बाद ही उसका वितरण भी रोक दिया। संस्था ने ‘अनुचित सामग्री’ के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि संबंधित पुस्तक को उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से फिर से लिखा जाएगा। क्या है पूरा मामला? एनसीईआरटी की





