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मोरना में चल रहा बच्चों का अवैध अस्पताल, ग्रामीणों में रोष

पीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ के समक्ष ग्रामीणों ने की शिकायत

मेडिकल स्टोर की आड़ में घर में ही अवैध अस्पताल चलाने का आरोप, कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर। मोरना में एक निजी मकान में बच्चों के इलाज के नाम पर चल रहे अवैध अस्पताल ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मोरना पीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया से ग्रामीणों ने सीधे शिकायत की, जिसमें उन्होंने अस्पताल संचालक पर मेडिकल स्टोर की आड़ में गैरकानूनी तरीके से निजी मकान में ही बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाकर इलाज कराने और बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने सीएमओ ने मामले का तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही करने की मांग की तो सीएमओ ने भरोसा दिया कि वो टीम भेजकर जांच करायेंगे।
जनपद मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक निजी मकान में संचालित अवैध बच्चों के अस्पताल की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया से की। सीएमओ औचक निरीक्षण पर मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों ने मौके पर ही इस गंभीर प्रकरण की जानकारी दी। ग्रामीणों ने सीएमओ डॉ. तेवतिया से मुलाकात के दौरान बताया कि कस्बे के एक निजी मकान में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से बच्चों का अस्पताल संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त संचालक मेडिकल स्टोर की आड़ में अस्पताल चला रहा है, जहां बिना अनुमति और बिना योग्य चिकित्सक के इलाज किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध अस्पताल में बच्चों के इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की जा रही है, जिससे कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इस अवैध अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र में चचार्ओं का बाजार गर्म हो गया। इसके बावजूद अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। औचक निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने तत्काल मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण और आवश्यक मानकों के किसी भी प्रकार का अस्पताल या नर्सिंग होम चलाना गैरकानूनी है। यदि जांच में आरोप सही पाए गए, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध अस्पताल को तत्काल सील करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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