निदेशालय के आदेशों की अनदेखी करने पर ईओ ने जताई कड़ी नाराजगी, निर्माण विभाग के जेई ने बरती लापरवाही
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी की बात सामने आई है। नगर सृजन योजना के अंतर्गत विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर निदेशक, नगरीय निकाय निदेशालय लखनऊ के द्वारा आयोजित वर्चुअल बैठक में नगरपालिका की प्रतिभागिता दर्ज नहीं हो पाई। इसको लेकर अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई, इसके संबंध में निदेशक, स्थानीय नगरीय निकाय निदेशालय, लखनऊ की ओर से नगरपालिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था तथा संबंधित अधिकारियों को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे।
अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस मामले के निस्तारण के लिए नगर सृजन योजना का कार्य देख रहे अवर अभियंता (निर्माण) कपिल कुमार को तत्काल प्रभाव से नामित करते हुए 11 जून को शाम चार बजे तक निदेशालय, लखनऊ में उपस्थित होकर नोटिस का जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्हें नगर सृजन योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों की डीपीआर भी साथ ले जाकर स्वीकृत कराने के लिए कहा गया था। आरोप है कि इसके बावजूद अवर अभियंता द्वारा ससमय आदेशों का पालन नहीं किया गया और गुरुवार दोपहर तक वह नगरपालिका कार्यालय में ही मौजूद रहे। इस पर अधिशासी अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही माना और चेतावनी जारी की। बताया गया कि ईओ की सख्ती और निदेशालय से प्राप्त कारण बताओ नोटिस को देखते हुए अवर अभियंता बाद में लखनऊ के लिए रवाना हुए।
इस मामले के दौरान यह भी सामने आया कि नगर सृजन योजना के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों की डीपीआर अभी तक तैयार नहीं हो सकी है। इस जानकारी पर भी अधिशासी अधिकारी ने असंतोष जताया और इसे विभागीय कार्यप्रणाली की नकारात्मक स्थिति बताते हुए संबंधित अधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उधर, इस पूरे प्रकरण में निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी भी उजागर हुई। जानकारी के अनुसार, याचिका समिति की बैठक में प्रतिभाग करने के लिए शासन स्तर से अधिशासी अधिकारी को लखनऊ उपस्थित होने के निर्देश मिले थे।
हालांकि जनगणना कार्यों में व्यस्तता के चलते जिला प्रशासन की ओर से किसी अन्य अधिकारी को नामित करने को कहा गया। इसके बाद अधिशासी अधिकारी ने सहायक अभियंता (निर्माण) नैपाल सिंह को बैठक में प्रतिभाग करने के लिए नामित किया और वह लखनऊ के लिए रवाना भी हो गए। इसी दौरान बैठक स्थगित होने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद अधिशासी अधिकारी ने सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि चूंकि निदेशालय से कारण बताओ नोटिस प्राप्त हुआ है, इसलिए लखनऊ पहुंचकर निदेशालय में उपस्थिति दर्ज कराते हुए उसका निस्तारण कराया जाए। आरोप है कि सहायक अभियंता आधा रास्ता तय करने के बाद वापस लौट आए और निर्देशों का पालन नहीं किया। बाद में यह जिम्मेदारी अवर अभियंता कपिल कुमार को सौंपी गई।
इस सम्बंध में ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगर सृजन योजना की प्रगति और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा के लिए निदेशक स्थानीय निकाय के द्वारा वर्चुअल मीटिंग ली थी। बुधवार सुबह हुई इस मीटिंग में नगरपालिका की ओर से भी प्रतिभाग किया गया था, लेकिन त्रुटिवश निदेशालय में अनुपस्थिति दर्ज होने पर निदेशक की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, इसके निस्तारण के लिए पहले एई निर्माण को लखनऊ निदेशालय पहुंचने के लिए निर्देशित किया, वो नहीं गए तो नगर सृजन योजना का कार्य देख रहे जेई कपिल कुमार को गुरूवार को शाम 4 बजे तक हर हाल में निदेशालय पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया, लेकिन दोपहर तक भी वो कार्यालय में मौजूद रहे। यह निर्देशों की अवहेलना और कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही है, बाद में जानकारी मिली है कि जेई कपिल मुख्यालय से रवाना हो चुके हैं।






