भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो लगातार तीसरे दिन क्रू की कमी के कारण गंभीर संचालन संकट से जूझ रही है। इसका असर देशभर की उड़ानों पर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित कई बड़े एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स लगातार कैंसिल हो रही हैं और कई घंटों की देरी से रवाना हो रही हैं। गुरुवार सुबह दिल्ली से उड़ान भरने वाली 30 से अधिक उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं, जिसके चलते एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई लोगों ने पूरी रात टर्मिनल में ही बिताई। हैदराबाद में भी लगभग 33 उड़ानें रद्द होने की संभावना जताई गई है। देशभर में आज 170 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हो सकती हैं। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को करीब 200 इंडिगो फ्लाइट्स रद्द की गई थीं। बेंगलुरु में 42, दिल्ली में 38, मुंबई में 33, हैदराबाद में 19, अहमदाबाद में 25, इंदौर में 11, कोलकाता में 10 और सूरत में 8 उड़ानें रद्द हुई थीं। हजारों यात्रियों को इस स्थिति से परेशानी हुई और कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए फंसे रहे। इंडिगो रोजाना करीब 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है।
कंपनी ने बुधवार को यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि छोटी तकनीकी खराबियों, ठंड के मौसम, शेड्यूल में बदलाव, एयर ट्रैफिक सिस्टम की धीमी प्रक्रिया और क्रू ड्यूटी टाइमिंग से जुड़े नए नियमों (FDTL) के कारण हमारे परिचालन पर असर पड़ा है और इसका पहले से सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं था। एयरलाइन का कहना है कि अगले 48 घंटों में फ्लाइट संचालन स्थिर हो जाएगा और 5 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
उधर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो से मौजूदा स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। DGCA ने कहा कि फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी को कम करने के उपायों पर आकलन किया जा रहा है। नियामक संस्था के अनुसार क्रू की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह है और यह समस्या पिछले महीने से ही बनी हुई है। नवंबर में इंडिगो की 1,232 उड़ानें रद्द हुई थीं और 1,400 उड़ानें देरी से चली थीं। 1 नवंबर से DGCA ने पायलटों और क्रू मेंबर्स के कार्य समय के नियमों में बदलाव किए हैं, जिन्हें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) कहा जाता है। यह नियम दो चरणों में लागू किया गया था, जिसमें पहला चरण 1 जुलाई से और दूसरा चरण 1 नवंबर से प्रभावी हुआ। नए नियमों के कारण इंडिगो की उड़ानों पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। नवंबर में रद्द की गई उड़ानों में से 755 सिर्फ क्रू और FDTL नियमों की वजह से प्रभावित हुईं।






