देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को भी यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जब बंगलूरू और हैदराबाद से 180 के करीब उड़ानें संचालित नहीं की गईं। देशभर में रद्द उड़ानों की संख्या 230 से अधिक रही।
सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद एयरपोर्ट पर इंडिगो ने 58 उड़ानें रद्द कर दीं, जिनमें 14 आगमन और 44 प्रस्थान उड़ानें शामिल थीं। इसी तरह बंगलूरू से 121 उड़ानों को शेड्यूल से बाहर कर दिया गया, जिसमें 58 आगमन और 63 प्रस्थान उड़ानें थीं।
स्लॉट कम करेगा मंत्रालय, दंडात्मक कार्रवाई के संकेत
विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने स्पष्ट कहा है कि शीतकालीन समय सारणी में इंडिगो से कई रूट वापस लिए जाएंगे। यह निर्णय एयरलाइन के लिए दंड की तरह होगा, ताकि वह उन रूटों पर संचालन की क्षमता साबित कर सके।
सरकार इन हटाए गए स्लॉट्स को अन्य घरेलू एयरलाइनों को आवंटित करेगी और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें वापस दिया जा सकता है।
राहुल भाटिया के नेतृत्व में इंडिगो रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है और घरेलू बाजार में उसका हिस्सा 65% से ऊपर है।
लेकिन सोमवार को एयरलाइन ने केवल छह मेट्रो शहरों में 560 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं, जिसके चलते भारी अफरातफरी देखने को मिली।
स्थिति की समीक्षा के लिए हवाई अड्डों पर तैनात अधिकारी
लगातार उड़ान रद्द होने के कारण हुई अव्यवस्था पर नजर रखने के लिए विमानन मंत्रालय ने उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को देश के प्रमुख हवाई अड्डों का दौरा करने के आदेश दिए हैं।
मूल्यांकन हेतु जिन हवाई अड्डों का चयन किया गया है, उनमें मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।
यात्रियों के लिए यह लगातार आठवां दिन है जब उड़ानें समय पर न होने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और एयरलाइन के संचालन पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।






