खतौली। खतौली विधायक मदन भैया ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर खतौली तहसील के ग्राम पंचायत पाल में एक राजकीय इंटर कॉलेज बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान समय में क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए खतौली शहर तक प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इस दौरान न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भय भी हमेशा बना रहता है।विधायक ने बताया कि ग्राम पंचायत पाल के आसपास कोई भी राजकीय इंटर कॉलेज उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को शिक्षा पाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा के पास 15 बीघा भूमि उपलब्ध है, जो खाता संख्या 231 एवं खसरा संख्या 357 पर दर्ज है। इस भूमि पर यदि राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया जाए तो क्षेत्र के बच्चों को घर के नजदीक ही शिक्षा की अच्छी सुविधा मिल सकेगी और उन्हें शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। विधायक के पत्र पर संज्ञान लेते हुए संयुक्त सचिव संदीप परमार ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को पत्र जारी किया है। इसमें डीएम से कहा गया है कि वह अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ तथ्यात्मक एवं सुस्पष्ट प्रस्ताव शासन को भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्यवाही की जा सके।ग्रामीणों ने भी विधायक की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि ग्राम पंचायत पाल में इंटर कॉलेज का निर्माण होता है, तो यह न केवल बच्चों की शिक्षा में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा स्तर को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बनेगी हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी
अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण को ऐसा नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत ने खनन से जुड़े तमाम पहलुओं की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि अरावली जैसे संवेदनशील और पारिस्थितिक रूप से अहम क्षेत्र में अवैध खनन केवल प्रकृति ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और एमिकस क्यूरी को निर्देश





