खतौली तहसील के समाधान दिवस में सरकारी तालाब और चकरोड की जमीन पर कथित कब्जे का मामला फिर गरमा गया। ग्राम गंगधाड़ी निवासी अजय चौहान ने प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया कि गांव की सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और उसे वैध दिखाने के लिए कथित फर्जी बैनामा भी कराया गया। मामले को गंभीर मानते हुए SDM ललित मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं।
शिकायत के मुताबिक विवाद सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। आरोप है कि जिस भूमि को तालाब और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित होना चाहिए था, उसी पर निजी स्वामित्व का दावा खड़ा कर दिया गया। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का कहना है कि कब्जे के कारण चकरोड भी प्रभावित हुआ है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही में दिक्कत बढ़ी है।
तालाब की जमीन पर कब्जे का आरोप, रास्ता भी घिरने की शिकायत
अजय चौहान ने प्रशासन से कहा कि गांव की जमीन को कागजों में निजी बताने की कोशिश की गई है। उनके अनुसार, यह मामला एक दिन में नहीं बना। पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन जमीन पर कार्रवाई की जगह सिर्फ कागजी प्रक्रिया होती रही। यही वजह है कि अब मामला फिर समाधान दिवस तक पहुंचा।
फर्जी बैनामे का दावा, प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश भी हुई। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो सिर्फ कब्जे का मामला नहीं, बल्कि दस्तावेजी गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के पहलू भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकारी तालाब और चकरोड की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए, अवैध निर्माण हटाया जाए और कथित फर्जी बैनामे को निरस्त किया जाए।
SDM ने किसे सौंपी जांच
समाधान दिवस में मौजूद SDM ललित मिश्रा ने मामले की जांच के लिए हल्का लेखपाल विपिन कुमार और नायब तहसीलदार को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उनसे जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।






