एलपीजी सिलिंडर बुकिंग समस्या अब आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के असर के बीच गैस की कीमत बढ़ने के बाद सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी दोनों में दिक्कतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं को बुकिंग करने के बाद भी सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है और उन्हें गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एलपीजी सिलिंडर बुकिंग समस्या के चलते कई लोगों को ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसियों के कार्यालयों में उपभोक्ताओं को सर्वर न चलने की समस्या बताई जा रही है। जिन लोगों ने सात मार्च से पहले सिलिंडर बुक कराया था, उन्हें बढ़ी कीमत का संशोधित बिल मोबाइल पर मिल गया, लेकिन सिलिंडर की डिलीवरी आसानी से नहीं हो पा रही है। एलपीजी सिलिंडर बुकिंग समस्या का असर उन घरों में अधिक दिखाई दे रहा है जहां शादी या अन्य कार्यक्रम होने वाले हैं। रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को भी कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिविल लाइंस के रेस्टोरेंट संचालक आरके सिंह ने बताया कि मंगलवार तक किसी तरह काम चल गया, लेकिन अब कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी की ओर से दो दिन बाद सिलिंडर मिलने की बात कही जा रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी देवेंद्र आर्य ने कहा कि एलपीजी सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है और एजेंसी कार्यालय में पूछने पर सर्वर की समस्या बताई जा रही है। वहीं सरताज अहमद ने बताया कि सिलिंडर बुक करने के बाद डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड नहीं आया, जिसके बिना सिलिंडर नहीं मिल सकता। गैस एजेंसी संचालिका कविता यादव त्रिपाठी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से प्लांट से सिलिंडर की सप्लाई कम हुई है। उन्होंने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर एजेंसियों तक कम पहुंच रहे हैं, जबकि नए नियमों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
नए नियमों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद ही दूसरा एलपीजी सिलिंडर मिल सकेगा। मोहित मिश्रा, मंडल महामंत्री, ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन के अनुसार वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में सप्लाई को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं और घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत को प्राथमिकता दी जा रही है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि एलपीजी गैस की किल्लत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विवाह घरों और होटलों में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग होता है, इसलिए सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इंडियन ऑयल के एलपीजी हेड राजन रंजन के अनुसार पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि होली के त्योहार के दौरान छुट्टियों की वजह से भी सप्लाई पर असर पड़ा, इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। झूंसी के त्रिवेणीपुरम स्थित गैस प्लांट से प्रयागराज सहित 11 जिलों में गैस सिलिंडर की आपूर्ति होती है। यहां से 289 गैस एजेंसियों को सिलिंडर सप्लाई की जाती है। प्लांट के मैनेजर राजेश जौहरी के अनुसार प्रतिदिन 100 से 110 ट्रकों के माध्यम से करीब 35000 सिलिंडर की रिफिलिंग कर प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, भदोही, एमपी, चित्रकूट और प्रयागराज सहित कई जिलों में भेजे जाते हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन यदि युद्ध लंबा चला तो आगे दिक्कत बढ़ सकती है। पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आपूर्ति विभाग ने तीन टीमों का गठन किया है। ये टीमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और गैस एजेंसियों के गोदामों में छापेमारी और जांच कर जमाखोरी पर निगरानी रखेंगी। आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मोबाइल या स्मार्ट बुकिंग मोड एप के जरिए अधिकृत वितरकों से ही गैस रिफिल बुक कराएं। साथ ही 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग करने और अधिकृत वेंडर से ही सिलिंडर लेने की सलाह दी गई है।






