मुजफ्फरनगर-सीएम ड्यूटी भूलकर दंगा करने वाला दारूबाज दरोगा चौबे सिंह सस्पेंड

वीआईपी ड्यूटी के दौरान नशे में पाए गए थे दरोगा चौबे जी, अर्धनग्न अवस्था में वीडियो वायरल होने पर हुई कार्रवाई

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के आगमन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक उपनिरीक्षक के नशे की हालत में पाए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में इस दारूबाज दरोगा की हरकतों को लेकर खूब चर्चा रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया। मामला पुलिस अनुशासन और संवेदनशील ड्यूटी से जुड़ा होने के कारण गंभीर माना जा रहा है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई।

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को रोजगार मेला के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य वीआईपी उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई जब थाना फुगाना में तैनात उपनिरीक्षक चौबे सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाई दे रहे थे। यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन कार्यक्रम के दौरान सामने आई, जिससे पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे।

इसे भी पढ़ें:  58 गांवों से दूर हुई टीबी की बीमारी, डीएम ने प्रधानों को किया सम्मानित

सूत्रों के अनुसार, उपनिरीक्षक चौबे सिंह की ड्यूटी खालापार थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई थी, लेकिन निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बजाय उन्होंने कथित रूप से अत्यधिक शराब का सेवन कर लिया और ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीन स्थिति में पाए गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गया। वीडियो में उनकी स्थिति को लेकर आम लोगों में भी चर्चा और नाराजगी देखी गई। मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचते ही तत्काल जांच के आदेश दिए गए।

इसे भी पढ़ें:  भंडूरा गांव में प्रदूषण के खिलाफ मशाल जुलूस, ग्रामीणों ने की संयुक्त संघर्ष की घोषणा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी के उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा सके और जिम्मेदारी तय हो सके। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी फुगाना यतेन्द्र नागर ने बताया कि उपनिरीक्षक का यह कृत्य पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी कार्यक्रम में तैनाती के दौरान इस तरह की लापरवाही गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाती है।

इसे भी पढ़ें:  आठ बच्चों की मां प्रेमी संग फरार, आहत पति ने जहर खाकर दी जान

पुलिस विभाग के अनुसार, इस प्रकार की घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर असर डालती हैं बल्कि जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता को भी कमजोर करती हैं। इसलिए मामले में तत्काल कठोर कार्रवाई की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, नशे की हालत या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीआईपी ड्यूटी जैसे संवेदनशील कार्यों में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद उपनिरीक्षक चौबे सिंह के खिलाफ आगे की दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है। पुलिस विभाग इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज रहा है।

Also Read This

मुजफ्फरनगर: छपार मुठभेड़ में 30 किलो गांजा बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। बरला-देवबंद मार्ग पर हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 30 किलोग्राम गांजा बरामद किया। रिपोर्ट में बरामद माल की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत हुई। छपार थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी रेतानंगला की ओर से आ रहे बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई। इसके बाद दोनों बाइक छोड़कर ईंख के खेतों में भागे

Read More »