गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें, केवाईसी की बाधा से बुकिंग प्रभावित, प्रशासन ने कालाबाजारी पर सख्ती के दिए निर्देश
मुजफ्फरनगर। ईरान-इजराइल जंग के कारण वैश्विक आपूर्ति पर पड़े असर का प्रभाव अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। मुजफ्फरनगर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक एलपीजी घरेलू सिलेंडर पाने के लिए लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ है, इससे लोगों को 12 साल पुरानी समस्या की याद ताजा हो गई है।
मुजफ्फरनगर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर संकट गहराता दिखाई दे रहा है। शहर में बुधवार को कई गैस एजेंसियों के दफ्तरों और गोदामों के बाहर सिलेंडर रिफिल कराने के लिए सैकड़ों उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह से ही महिलाएं और पुरुष सिलेंडर बुक कराने और प्राप्त करने के लिए एजेंसियों के बाहर इंतजार करते नजर आए। बताया जा रहा है कि एक सिलेंडर की बुकिंग कराने के लिए भी लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता सुबह से शाम तक एजेंसियों और गोदामों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सभी को सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सका।

इस समस्या का एक बड़ा कारण केवाईसी प्रक्रिया भी बन रही है। कई उपभोक्ताओं का केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण उनकी एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। जिले में कुल 52 गैस एजेंसियों पर छह लाख से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत हैं। मौजूदा हालात में मांग के मुकाबले आपूर्ति कम पड़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि मौजूदा हालात ने वर्ष 2014 के समय की याद दिला दी है। उस दौर में भी घरेलू गैस सिलेंडर पाने के लिए लोगों को सुबह से संघर्ष करना पड़ता था। बाद में व्यवस्था में सुधार हुआ और घर-घर गैस सिलेंडर की आपूर्ति आसान हो गई थी, जिससे बुकिंग और वितरण की प्रक्रिया काफी सरल हो गई थी। वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी तथा अवैध कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है।






