मंसूरपुर थाने के एएसआई ने दर्ज कराया केस, पुलिस से धक्का-मुक्की, अभद्रता और आगजनी के प्रयास का आरोप
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र में विवाहिता की मौत के बाद बनी तनावपूर्ण स्थिति में मायके पक्ष के लोगों द्वारा शव लेकर थाने में हंगामा और कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देने पर अब पुलिस ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस कर्मियों से अभद्रता और हंगामा करने के आरोप में कार्रवाई की है। महिला के मायके पक्ष के नौ लोगों को नामजद कर करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में विवाहिता रीना की मौत के बाद ससुराल और मायके पक्ष के लोगों के बीच हुए विवाद में पुलिस के खिलाफ मोर्चाबंदी करने पर मायके पक्ष के लोगों पर सख्त कार्रवाई की है। बता दें कि रीना पत्नी करनसिंह प्रजापति निवासी मोहल्ला गोविंदपुरी मिल मंसूरपुर की मृत्यु 4 मार्च 2026 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी। रीना के परिजनों ने आरोप लगाया कि दहेज उत्पीड़न में उसके पति करन ने अपने परिजनों के साथ बेरहमी से पीटा, जिससे गंभीर महिला की मौत हुई। इस मामले में पुलिस ने मायके पक्ष के खिलाफ ही विधिक कार्रवाई की है।
मंसूरपुर थाने के एएसआई बालिस्टर त्यागी ने मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के अनुसार दिल्ली अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद 5 मार्च की रात मायके पक्ष के लोग शव लेकर रीना की ससुराल गोविंदपुरी मिल पहुंचे और वहां हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर एएसआई बालिस्टर त्यागी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान मायके पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों से अभद्रता करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, भीड़ में शामिल लोगों ने रीना की मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार बताते हुए आरोपियों को उनके हवाले करने और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी की गई। मांगें पूरी न होने पर शव को थाने में रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और वर्दी फाड़ने का प्रयास किया। भीड़ ने रीना के ससुराल के घर में ट्रैक्टर से डीजल निकालकर आग लगाने की बात कही। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद भीड़ को समझाकर आगजनी से रोका।
इसके बाद भी आक्रोशित लोग नहीं माने और शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर मंसूरपुर थाने पहुंच गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस को धक्का देकर ट्रैक्टर को थाने के भीतर ले जाने की कोशिश की और शव को थाना परिसर में रखकर हंगामा शुरू कर दिया। इससे थाने का कामकाज प्रभावित हुआ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई तक शव न हटाने और तोड़फोड़ करने की चेतावनी दी। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को थाने की सुरक्षा के लिए बुलाया गया। काफी समझाने के बाद मायके पक्ष ने तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।
एएसआई बालिस्टर त्यागी की तहरीर पर थाने में रीना के मायके पक्ष के नौ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, इनमें राहुल दक्ष पुत्र कृष्णपाल, संदीप पुत्र अतरसिंह, नीरज पुत्र श्रवण कुमार, सचिन पुत्र बनवारी, दिनेश पुत्र राजपाल, अक्षय कुमार पुत्र हंसाराम, राजू पुत्र घमंडीलाल निवासीगण ग्राम खेडी रांगडान थाना खतोली, आदेश कुमार पुत्र मांगेराम निवासी ग्राम तिगाई और अंकुर पुत्र कैलाश निवासी ग्राम रसूलपुर कैलोरा थाना खतौली को नामजद करते हुए करीब 20 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता, हंगामा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।






