मुजफ्फरनगर। शहर के वसुंधरा रेजीडेंसी फेस-3 में सोमवार की शाम को भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कुछ ही देर बाद तेज धमाका हुआ, जिससे घर में मौजूद लोग चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान में अब नया खुलासा हुआ है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती थी, लेकिन संयोग से तीन लोगों की जान बाल बाल बची है।
मरने वालों में अमित गौड़ (50 वर्ष) निवासी शामली, देवबंद तहसील में कानूनगो के पद पर कार्यरत बताये गये हैं। उनके भाई नितिन (45 वर्ष) और मां सुशीला देवी पत्नी राममोहन गौड (68 वर्ष) की जिंदा जलकर मौत हुई है। तीनों के शवों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार इस भयंकर आग की चपेट में आने से परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए। बचने वालों में मां और उसकी दो बेटियां शामिल हैं। इनमें रिचा (मां), उसकी दो बेटियों में अक्षिता (22 वर्ष) और आराध्या (14 वर्ष) शामिल हैं।
घटना के दौरान परिवार को बचाने के प्रयास में आदित्य राणा नामक युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे परिजनों द्वारा बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा भी वसुंधरा रेजीडेंसी पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे की जानकारी ली और पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं।






