चंडीगढ़- चंडीगढ़ प्रशासन के वकील ने अदालत को बताया कि कांस्टेबल शराब के नशे में होटल मालिक और एक ग्राहक से अभद्र व्यवहार कर रहा था। मेडिकल रिपोर्ट में भी उसके नशे में होने की पुष्टि हुई थी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए गए पुलिसकर्मी पर कोई रहम नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्दीधारी लोगों में अनुशासन सर्वोपरि है। ऐसा आचरण गंभीर दुराचार की श्रेणी में आता है। यह न केवल असंगत है बल्कि सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा है। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने सात साल पुराने मामले में यह फैसला सुनाते हुए कहा कि संबंधित कांस्टेबल पर दो वेतन वृद्धियों की रोक की सजा न तो कठोर है और न ही अनुपातहीन। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पुलिसकर्मी है, जिसकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, उस पर आरोप साबित होने के बाद दी गई सजा को अनुचित नहीं ठहराया जा सकता।

अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बनेगी हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी
अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण को ऐसा नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत ने खनन से जुड़े तमाम पहलुओं की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि अरावली जैसे संवेदनशील और पारिस्थितिक रूप से अहम क्षेत्र में अवैध खनन केवल प्रकृति ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और एमिकस क्यूरी को निर्देश





