मंत्री कपिल देव ने लखनऊ से लौटते ही लिया सोनू हत्याकांड का संज्ञान, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को किया तलब
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल द्वारा लखनऊ से लौटते ही सबसे पहले सोनू कश्यप हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए डाक बंगले पर डीएम और एसएसपी को तलब कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद करने के आदेश दिये।
प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ से लौटते ही सरधना क्षेत्र में हुए मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप पुत्र सुरेन्द्र कश्यप के जघन्य हत्याकांड का संज्ञान लिया। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन मेरठ रोड पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा को तलब कर मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने दूरभाष के माध्यम से एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर एवं पुलिस अधीक्षक मेरठ विपिन टाडा से वार्ता कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मृतक सोनू के परिजनों से भी दूरभाष पर बातचीत कर इस दुखद घड़ी में गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मंत्री ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतक सोनू के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि रोहित कश्यप उर्फ सोनू जिला मुजफ्फरनगर के आबकारी मोहल्ला का रहने वाला था। वह मुंबई में रहकर हलवाई का कार्य करता था। परिजनों ने उसकी शादी तय की थी, लड़की देखने के लिए वो मंबई से यहां आया था। पांच जनवरी को सोनू अपनी मौसी के घर जाने के लिए निकला था और मुजफ्फरनगर से मेरठ जनपद के सरधना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ जा रहा था। जिस टेंपो में वह बैठा था, उसके चालक को रोहित के पास पैसों की जानकारी हो गई। इस कारण टेंपो चालक की नीयत में खोट आ गया और लालचवश अपने साथियों को बुलाकर रोहित की हत्या कर शव जला दिया। इस घटना से कश्यप समाज में आक्रोश है। परिजनों का कहना था कि सोनू को बाइक खरीदनी थी, उसके पास 80 हजार रुपये थे।






