कादिर राणा के आवास पर हजारों लोगों की मौजूदगी में हुआ इफ्तार, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने महंगाई, किसान और दलित मुद्दों पर सरकार को घेरा
मुजफ्फरनगर। रमजान के पवित्र माह के दौरान आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम ने जहां सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की, वहीं राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज नजर आईं। पूर्व सांसद कादिर राणा के आवास पर आयोजित इफ्तार में प्रदेश के कई प्रमुख सपा नेताओं और जनपद की सामाजिक-राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान एक ओर रोजेदारों ने मुल्क में अमन-चैन और तरक्की की दुआएं मांगीं, वहीं सपा नेताओं ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए किसानों, महंगाई और दलित उत्पीड़न जैसे मुद्दों को उठाया।

जनपद में शुक्रवार को सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक सक्रियता का अनोखा संगम देखने को मिला। पवित्र रमजान माह के अवसर पर पूर्व सांसद कादिर राणा के आवास पर आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम में हजारों रोजेदारों, समर्थकों और जनपद के प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह इफ्तार कार्यक्रम जिले की सबसे बड़ी सामाजिक और राजनीतिक सभाओं में से एक बन गया, जहां विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया और देश में शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए सामूहिक दुआएं मांगीं। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री जावेद आबदी, जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, पूर्व मंत्री राजकुमार यादव सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सांसद कादिर राणा ने कहा कि रमजान का महीना प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देता है और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
इधर, जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने महावीर चौक स्थित सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आज महंगाई, किसान विरोधी नीतियों और दलित उत्पीड़न से परेशान है। सिद्दीकी ने दावा किया कि जनता में सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए अभी से पूरी ताकत के साथ जुट जाएं।

उन्होंने विशेष रूप से गन्ना किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और डीजल, खाद तथा बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। श्री सिद्दीकी ने कहा कि किसान साल भर मेहनत करता है, लेकिन फसल बेचते समय उसे निराशा ही हाथ लगती है। सरकार कागजों पर किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जमीन पर किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही। उन्होंने मांग की कि गन्ने के समर्थन मूल्य में तत्काल बढ़ोतरी कर किसानों को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि दलित समाज के खिलाफ बढ़ती घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और कई मामलों में पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।






