मुजफ्फरनगर के छात्र दिव्यांशु जटराणा की हत्या के बाद अब मामला सड़क पर आ गया है, क्योंकि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आज, शुक्रवार 3 अप्रैल 2026, किसानों के साथ देहरादून कूच करने वाले हैं।
टिकैत ने कहा है कि वह सुबह करीब 11 बजे देहरादून के आशारोड़ी क्षेत्र पहुंचेंगे। उधर प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया है कि किसानों को वहीं रोका जाएगा और ज्ञापन मौके पर ही लिया जाएगा।
यह विरोध सिर्फ एक राजनीतिक उपस्थिति नहीं है। इसके केंद्र में वह गुस्सा है, जो 23 मार्च की रात हुई हत्या के बाद लगातार बढ़ता गया। पुलिस के मुताबिक दिव्यांशु जटराणा, 22 वर्ष, मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और देहरादून के प्रेमनगर इलाके में छात्र गुटों की हिंसक झड़प में घायल हुए थे; बाद में उनकी मौत हो गई।
आशारोड़ी पर रोकेगी पुलिस, यहीं लिया जाएगा ज्ञापन
राकेश टिकैत ने कहा कि छात्र समुदाय के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाएँ चिंता का विषय हैं और दिव्यांशु केस ने युवाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ाई है। इसी मुद्दे पर किसान आज देहरादून पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने कहा है कि आशारोड़ी में बैरिकेडिंग की गई है, किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर ही ज्ञापन स्वीकार करेंगे। अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।
इसका सीधा मतलब है कि सरकार और प्रशासन प्रोस्टेट को शहर के भीतर फैलने देने के बजाय बॉर्डर-जैसे एंट्री प्वाइंट पर ही contain करना चाहते हैं।
हत्याकांड में 15 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और अब तक 4 गिरफ्तारी हो चुकी थीं। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ, क्योंकि बाकी आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर बताए गए।
देहरादून पुलिस ने 7 फरार आरोपियों पर ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।






