शामली गैस सिलिंडर कालाबाजारी का मामला सामने आया है, जहां बाजार में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलिंडर महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। जिले में सामान्यतः 900 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलिंडर अब 1500 रुपये तक में बिक रहा है, जबकि 1900 रुपये का कमर्शियल सिलिंडर 2200 से 2800 रुपये तक में बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका-इस्रायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब गैस आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। आपूर्ति कम होने से बाजार में सिलिंडरों की कालाबाजारी तेज हो गई है, जिससे खासकर होटल, ढाबा और हलवाई कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। पड़ताल में सामने आई शामली गैस सिलिंडर कालाबाजारी –
शामली संवाददाता: होटल के लिए सिलिंडर चाहिए, मिल जाएगा? दुकानदार: मिल जाएगा, 2200 रुपये लगेंगे। संवाददाता: कुछ कम हो जाएगा क्या? दुकानदार: नहीं, वैसे ही सिलिंडरों की कमी चल रही है।
कांधला संवाददाता: सिलिंडर कितने का मिलेगा? दुकानदार: 1500 रुपये में मिल जाएगा।संवाददाता: पहले तो 900 रुपये में मिलता था। दुकानदार: अब रेट बढ़ गए हैं, सिलिंडरों की कमी चल रही है।
मुजफ्फरनगर रोड पर होटल चलाने वाले राजू और शिवम का कहना है कि पिछले कई दिनों से कमर्शियल सिलिंडर आसानी से नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में उन्हें 2200 रुपये तक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। वहीं कुलदीप और सन्नी ने बताया कि वे दिल्ली रोड से 2200 से 2500 रुपये तक में सिलिंडर खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह सिलिंडरों की कमी बनी रही तो ढाबा बंद कर दूसरा काम करना पड़ सकता है। कमर्शियल सिलिंडर की कमी का असर हलवाई की दुकानों, चाट ठेलों और ढाबों पर साफ दिखाई देने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें पुराने समय की तरह लकड़ी या कोयले की भट्ठियां जलानी पड़ेंगी। इससे कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने कहा कि जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। कमर्शियल सिलिंडर स्कूलों और अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं गैस सिलिंडर की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






