ढाका- बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मृत्युदंड की सजा मिली है। ढाका में मौजूद अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने यह फैसला सुनाया है। बता दें कि शेख हसीना को पिछले साल सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों में आरोपी बनाया गया है। मामले में सरकारी अभियोजकों ने मृत्युदंड की अपील थी। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे एक मामले पर सोमवार को ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश) की तरफ से फैसला सुनाया गया। ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए कहा कि वे अधिकतम सजा की हकदार हैं। इसी के साथ न्यायाधिकरण ने उन्हें मौत की सजा सुनाई। गौरतलब है कि शेख हसीना इस वक्त भारत में हैं। उन्होंने ट्रिब्यूनल में मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि उन पर लगे सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं और वे ऐसे फैसलों की परवाह नहीं करतीं। आईसीटी के फैसले से पहले अपने समर्थकों को जारी एक ऑडियो संदेश में हसीना ने कहा था कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती है। हसीना ने कहा था कि यह इतना भी आसान नहीं है। आवामी लीग जमीन से उठी पार्टी है।

फर्जी कागज, सरकारी मोहर और जमीन का खेल; तितावी पुलिस ने खोली परतें
तितावी (मुजफ्फरनगर)। तितावी पुलिस ने फर्जी कागजात के सहारे जमीन का सौदा कर लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक लेखपाल समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला जमीन बेचने के नाम पर भरोसा दिलाकर रकम लेने, फिर कागजात को सही बताने और बाद में धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है। थाना तितावी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी है। जमीन की जरूरत थी, इसी बीच मिला सौदे का प्रस्ताव पुलिस को दी गई तहरीर में शामली जनपद के ग्राम महावतपुर निवासी नन्द किशोर पुण्डीर ने बताया कि उनकी





