24 घंटे नगर भ्रमण पर रहे भगवान बालाजी की शोभायात्रा का भव्य समापन, उत्तर भारत की सबसे बड़ी बालाजी शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
मुजफ्फरनगर। शहर के भरतिया कालोनी स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर में आयोजित श्री बालाजी जन्मोत्सव के अवसर पर निकली शोभायात्रा ने इस वर्ष भव्यता और जनसहभागिता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। उत्तर भारत की सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस शोभायात्रा का 24 घंटे बाद हुआ समापन श्रद्धा, भक्ति और व्यवस्थाओं के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बना। यहां आस्था और भक्ति के साथ ही राष्टÑवाद के भावन का एक अनूठा संगम भी देखने को मिला। भगवान श्री बालाजी के स्वर्ण श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं का एक सैलाब किसी सागर के ज्वार भाटा की भांति सड़कों पर चलायमान नजर आया और भक्तों ने पूरी रात जाग कर बजरंग बली के बाल स्वरूप का जयकारा किया।

श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भगवान बालाजी की विशाल शोभायात्रा का समापन शुक्रवार सुबह भरतिया कॉलोनी स्थित मंदिर परिसर में विधिविधान के साथ सम्पन्न हुआ। गुरुवार सुबह शुरू हुई यह यात्रा करीब 24 घंटे बाद अपने विश्राम स्थल तक पहुंची, जिसमें पूरे शहर ने रातभर जागकर आस्था, भक्ति और समर्पण व धर्म संस्कृति का परिचय दिया। करीब 13 किलोमीटर लंबे रूट से निकलने वाली इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों में नवीन मंडी स्थल, मुनीम कॉलोनी, बड़ा डाकखाना, गौशाला रोड, पीठ बाजार, चौड़ी गली, वकील रोड, भोपा पुल, अंसारी रोड, शिव चौक, टाउनहाल रोड और गांधी कॉलोनी से गुजरते हुए यात्रा नई मंडी के रास्तों से होकर पुन: भरतिया कालोनी मंदिर परिसर पहुंची।

यात्रा के दौरान 300 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं के लिए आलू-पूरी, हलवा, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, शीतल पेय, जूस और अन्य प्रसाद वितरित किए गए। पूरी रात शहर में सेवा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शिव चौक पर श्रद्धा का विशेष दृश्य नजर आया, जहां भक्तों ने पलक-पांवड़े बिछाकर भगवान का स्वागत किया। शोभायात्रा में 51 आकर्षक झांकियां, उत्तर भारत के पांच प्रमुख बैंड के साथ ही दर्जनों बैंड, डीजे और ढोल-ताशा पार्टियां शामिल रहीं। बाबा खाटू श्याम, अमरनाथ, महाकाल और बांके बिहारी के स्वरूपों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। विभिन्न स्थानों पर कलाकारों ने भजनों पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल भक्तिमय बना रहा। आतिशबाजी और गुलाल ने उत्साह को और बढ़ाया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसमें 10 सीओ, 15 निरीक्षक, 50 दरोगा और 400 सिपाही शामिल रहे। बाहरी जनपदों से भी फोर्स बुलाया गया था। ड्रोन से भी निगरानी कराई जाती रही। बड़े डीजे को इस बार शामिल नहीं किया गया, जिसको लेकर देर रात तक विरोध भी देखने को मिला।
चार अपै्रल को संकटमोचन हवन और भंडारे के साथ होगा समापन
शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे स्वर्ण रथ पर सवार भगवान बालाजी को मंदिर गर्भगृह में स्थापित कर शोभायात्रा को विराम दिया गया। भारी भीड़ के बीच भक्तों ने जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया। श्री बालाजी जयंती के अन्य कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अप्रैल को भजन संध्या और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक संजू शर्मा और संजू भारती भजन प्रस्तुत करेंगे। 4 अप्रैल को संकटमोचन हवन और दोपहर से प्रभु इच्छा तक चलने वाले विशाल भंडारे के साथ समारोह का पूर्ण समापन होगा।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों और शहरवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। श्री बाला जी धाम मंदिर कमेटी के प्रधान हरिशंकर तायल के साथ ही भीम सेन कंसल, सुरेश चन्द बंसल (सरक्षक), हरिशंकर तायल, कुलदीप कुमार, सुनील तायल, राकेश अरोरा, विजय बंसल, अश्विनी कुमार, रविन्द्र कुमार, नितिन मोचील सुभाष बन्द गोयल, हरिशंकर मूधड़ा, राजीव गर्ग, धमनिवास मित्तल, अशोक शर्मा, नितिन गोयल, अमरीश सिंघल, जेपी गोयल, संजय मित्तल, नितिन सिंघल, अभिनवायल, प्रवीण तायल, विकास अग्रवाल, अशोक गर्ग, सिंघल गोयल, विनोद राठी, शिवम तायल, रजत गोयल, रविन्द्र जैन, कैलाश गुप्ता, श्रवण गुप्ता, उदित गर्ग, अंकितं गर्ग आदि श्री बालाजी जयंती समारोह में जुटे रहे।






