सभासद सीमा जैन ने मंत्री कपिल देव, चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप और ईओ पालिका को पत्र लिखा, नाला व साइड पटरी निर्माण में जनता के धन को पलीता लगाने का आरोप, जांच व कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। शहर में निर्माण कार्यों में धांधली के मामले लगातार सामने आ रहे है। सिंचाई विभाग ने पीनना से चरथावल रजवाहा पटरी निर्माण में धांधली की तो युवा किसान ने शिकायत कर हलचल मचा दी। लिंक रोड गांधी कालोनी की सड़क का घटिया निर्माण कराने का आरोप लोक निर्माण विभाग पर है, परिक्रमा मार्ग की बदहाली के लिए एमडीए का नाला निर्माण चर्चाओं में बना है, तो ऐसे में अब नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर के वार्ड संख्या 33 में मण्डी समिति राजवाहा रोड पर चल रहे नाला व साइड पटरी निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वार्ड की महिला सभासद ने इस निर्माण कार्या को बेहद घटिया और जनहित के विपरीत बताते हुए तकनीकी जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसमें जल निकासी के लिए प्रमुख तौर पर कराये जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर धांधली की बात सामने आ रही है, जिससे भविष्य में यहां पर जल भराव की भयंकर समस्या उत्पन्न होने की संभावना को लेकर लोगों में बेहद आक्रोश है।
नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर के वार्ड संख्या 33 अंतर्गत मण्डी समिति राजवाहा रोड पर पालिका प्रशासन द्वारा सौंदर्यीकरण के नाम पर कराए गए साइड पटरी के निर्माण को लेकर धांधली और घटिया व जनहित के विपरीत निर्माण कार्य कराए जाने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब यहां पर नाला निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड सभासद सीमा जैन के द्वारा इस मामले में नगर विधायक एवं मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के साथ ही अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह को भेजे गए पत्र में पालिका के निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही, घटिया सामग्री, गुणवत्ता का अभाव और मानकों की अनदेखी के साथ ही अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में राजवाहा रोड पर साइड पटरी का निर्माण कराया गया, जिसमें सड़क से होने वाली जल निकासी के लिए नाली अथवा नाले का कोई प्रावधान नहीं किया गया। पुराने नाले को बंद कराकर उसके ऊपर साइड पटरी बना दी गई। इसके बाद सड़क निर्माण का नया टेंडर निकाला गया, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बनी साइड पटरी सड़क के फेस में आ गई। अब सड़क की दूसरी ओर जल निकासी को बेहतर करने के उद्देश्य से नया नाला और साइड पटरी बनाई जा रही है, जिसमें मानकों की खुली अनदेखी का आरोप है। सभासद पति युवा भाजपा नेता विकल्प जैन ने बताया कि कि नगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप द्वारा जनहित में नाला निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई थी। इसके अंतर्गत बाला जी चौक से मुनीम कॉलोनी के मोड़ तक तथा मुनीम कॉलोनी से श्मशान घाट तक दो हिस्सों में नाला निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन पालिका के ही अधिकारी ठेकेदारों के साथ स्वार्थपूर्ति के लिए सांठगांट कर पालिकाध्यक्ष को बदनाम करने के इरादे से घटिया काम करने पर तुले हुए हैं। स्थानीय लोगों और स्थल निरीक्षण में सामने आया है कि निर्माण कार्य बिना उचित तकनीकी नक्शे और दिशा-निर्देशों के किया जा रहा है।
सभासद ने आरोप लगाया है कि नाले का निर्माण ढलान और जल प्रवाह प्रणाली को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से किया जा रहा है। नाले की दीवारें और तली सड़क से ऊंची बनाई जा रही हैं, जिससे सड़क का पानी नाले में नहीं जा पाएगा। मौहल्लों से आना वाला पानी भी नाले में खड़ा है, उसका ढाल नहीं बनाया गया। इससे वर्षा ऋतु में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही, घटिया सामग्री के प्रयोग से निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोषपूर्ण निर्माण से नगरपालिका को भविष्य में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि गलत निर्माण को दोबारा ठीक कराने में अतिरिक्त धन खर्च होगा।
सभासद सीमा जैन ने मामले की तत्काल तकनीकी जांच, स्थल निरीक्षण, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई तथा अनियमितताओं में खर्च हुई धनराशि की वसूली की मांग की है। साथ ही, शहरी जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भविष्य में गुणवत्ता और मानकों के कड़े पालन के निर्देश जारी करने की अपील की गई है। सभासद को कहना है कि अधिकारियों की सुस्ती के कारण जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले कार्य अनियमितता की कहानी बन गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई और जांच नहीं होती हैं तो वो इस मामले में शासन स्तर तक शिकायत करने से भी पीछे नहीं हटेंगी और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जायेगा।






