तीन माह की बच्ची को ससुराल में छोड़ने वाली महिला के खिलाफ सास ने की एसएसपी से शिकायत, साजिश रचने में पत्नी-पत्नी नामजद
मुजफ्फरनगर। शहर में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला पर पति की मौत के बाद दूसरी शादी करने के बावजूद मृत पति की संपत्ति में हिस्सेदारी पाने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर महिला और उसके वर्तमान पति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मृतक युवक की मां ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी बहू ने पति की मौत के बाद तीन माह की बच्ची को ससुराल में छोड़ दिया और कुछ समय बाद दूसरी शादी कर ली। इसके बाद उसने अपने दूसरे पति के साथ मिलकर मृत पति की संपत्ति में हिस्सेदारी लेने के लिए कथित रूप से फर्जी पहचान दस्तावेज, झूठा शपथ पत्र और वारिसान प्रमाण पत्र बनवाने की साजिश रची। वसुंधरा कॉलोनी फेज-6 निवासी सरोज ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि उनके इकलौते पुत्र विख्यात विवेक का विवाह 6 नवंबर 2022 को सोनिका के साथ हुआ था। विवाह के करीब सात-आठ माह बाद उनके पुत्र की हृदयाघात से मृत्यु हो गई।
मृत्यु के लगभग दो माह बाद सोनिका ने एक पुत्री को जन्म दिया, जिसका नाम तेजस्वी रखा गया। आरोप है कि बच्ची को लगभग तीन माह की अवस्था में ससुराल में छोड़कर सोनिका अपने मायके चली गई। शिकायत में बताया गया है कि मायके जाने के लगभग छह माह बाद सोनिका ने शिवांग नामक युवक से दूसरा विवाह कर लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर सास सरोज पर झूठे अपहरण का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की। बताया गया कि अगस्त 2024 में न्यायालय ने इस मामले में आदेश पारित किया, जिसमें महिला के वर्तमान पति शिवांग का नाम दर्ज है और उसे मृत विवेक की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अधिकार नहीं माना गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अप्रैल 2025 में सोनिका ने अपने पहचान पत्र में जानकारी अद्यतन कराते समय अपने वर्तमान पति का नाम छिपा लिया और पति के स्थान पर मृत विवेक का नाम दर्ज करा लिया। इसके बाद इसी पहचान दस्तावेज के आधार पर 27 सितंबर 2025 को खुद को मृत विवेक की पत्नी बताते हुए एक झूठा शपथ पत्र तैयार कराया गया। आरोप है कि उक्त शपथ पत्र के आधार पर सदर उपजिलाधिकारी और तहसील कार्यालय में मृतक की वैध वारिस होने का दावा करते हुए वारिसान प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह पूरा प्रकरण महिला द्वारा अकेले नहीं बल्कि उसके वर्तमान पति शिवांग की सक्रिय भूमिका और सहयोग से किया गया। आरोप है कि उसने फर्जी पहचान दस्तावेज बनवाने, न्यायालय के आदेश के विपरीत कागजात तैयार कराने और झूठा शपथ पत्र बनवाने में सोनिका की भरपूर साजिश के साथ मदद की। मामले की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महिला सोनिका और उसके वर्तमान पति शिवांग के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नई मंडी कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






