वॉशिंगटन: ट्रंप 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव के जरिए अमेरिका ने ईरान के सामने युद्ध खत्म करने का बड़ा रास्ता रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव में 30 दिन के युद्धविराम के साथ कई सख्त शर्तें शामिल हैं, ताकि दोनों पक्ष स्थायी समाधान पर बातचीत कर सकें। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ईरान-इजरायल जंग लगातार तेज हो रही है और अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस योजना के तहत ईरान को कई अहम कदम उठाने होंगे: सभी परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह समाप्त करना होगा, अपनी धरती पर यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना होगा, परमाणु हथियार न बनाने की स्थायी और लिखित गारंटी देनी होगी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फ्री मैरीटाइम जोन घोषित करना होगा, बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज और स्टॉक पर सख्त नियंत्रण, हिजबुल्लाह और हूती जैसे सहयोगी गुटों को हथियार और फंडिंग बंद करनी होगी इसके साथ ही अमेरिका ने 30 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया है, ताकि इस दौरान विस्तार से बातचीत हो सके।
अगर ईरान इन शर्तों को मान लेता है, तो उसे कई बड़े फायदे मिल सकते हैं: सभी परमाणु प्रतिबंध हटाए जाएंगे, नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए तकनीकी मदद दी जाएगी, प्रतिबंधों के स्वतः लागू होने वाला स्नैपबैक सिस्टम खत्म किया जाएगा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवाजाही की अनुमति देने को तैयार हो सकता है। यह वैश्विक तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता माना जाता है। अभी तक इस क्षेत्र में आंशिक प्रतिबंध के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया, जिसने मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि, व्हाइट हाउस और विदेश विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान इन शर्तों को मान लेता है, तो मध्य पूर्व में चल रही सबसे बड़ी टकराव की स्थिति खत्म हो सकती है। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे मुद्दों पर सहमति बनाना आसान नहीं होगा। कुल मिलाकर, ट्रंप 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव ने एक नई कूटनीतिक पहल जरूर शुरू की है, लेकिन इसका परिणाम ईरान के फैसले पर निर्भर करेगा।






