लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सुरक्षा उत्तर प्रदेश को लेकर हाल के महीनों में पुलिस प्रशासन ने कई स्तरों पर समीक्षा की है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में आम लोग शामिल होते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई विशेष सुरक्षा यूनिट का उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को भी मजबूत किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत खुफिया विभाग से मिलने वाले इनपुट को रियल टाइम में साझा किया जाएगा। इसके आधार पर सुरक्षा टीम तत्काल निर्णय ले सकेगी। इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट मोड में रखा जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि योगी आदित्यनाथ सुरक्षा उत्तर प्रदेश में यह बदलाव भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। तकनीक आधारित निगरानी, प्रशिक्षित बल और स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने से सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। अगर कहीं सुधार की जरूरत पड़ी तो उसमें तत्काल बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराना इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है।
योगी आदित्यनाथ सुरक्षा उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह नई पहल आने वाले दिनों में प्रदेश की वीआईपी सुरक्षा नीति के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है।






