वेतन से वंचित 397 आउटसोर्स सफाई कर्मियों का टाउनहाल में हंगामा

तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर ईओ कार्यालय का किया घेराव, ईपीएफ घोटाले पर जताया आक्रोश

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में शहरी सफाई व्यवस्था के लिए आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों में अब आर्थिक संकट को लेकर आक्रोश बना नजर आ रहा है। ठेकेदार फर्म द्वारा कर्मचारियों के ईपीएफ में घोटाला सामने आने के बाद उनका वेतन भी रूक गया है। तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को टाउनहाल पहुंचकर प्रदर्शन किया और ईओ कार्यालय का घेराव कर वेतन जारी कराने की मांग की।
नगरपालिका परिषद् में शहरी सफाई व्यवस्था के लिए आउटसोर्स पर 397 कर्मचारी दो ठेकेदार फर्म के अधीन कार्यरत हैं। इनमें 369 सफाई कर्मचारी और 28 वाहन चालक शामिल हैं। दोनों ही ठेकेदार फर्म का ईपीएफ घोटाला सामने आने के बाद इन कर्मचारियों को वेतन का संकट गहरा गया है। पालिका प्रशासन की जांच के बाद ठेकेदार फर्म के खिलाफ सख्ती और उनके भुगतान पर लगाई गई रोक के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसी समस्या को लेकर आउटसोर्स सफाई कर्मचारी मंगलवार को टाउनहाल पहंुचे और सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार, राजकुमार बेनीवाल, सोनू बेनीवाल और पाल्लेराम के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने नेताओं के साथ ईओ कार्यालय का घेराव किया।
संघ नेता मिलन कुमार ने बताया कि आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनको करीब तीन माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। नवम्बर, दिसम्बर का वेतन लंबित है और जनवरी का महीना भी पूरा होने जा रहा है, वो लगातार काम कर रहे हैं। उनको दूसरी जगह काम करने पर भी पाबंदी है, ऐसे में वेतन रूक जाने से इन कर्मचारियों का पूरा परिवार आर्थिक परेशानी में घिर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा हड़प लिया गया है, इस घोटाले में पालिका कर्मियों की भी मिलीभगत है। नेताओं ने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह से वेतन जारी कराये जाने और ईपीएफ का पैसा भी दिलवाने की मांग की।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने 28 वाहन चालकों की सेवा प्रदान कर रही ठेकेदार फर्म आरवाई सिक्योरिटी एण्ड इंटेलिजेंस प्रा. लि. प्रयागराज और 369 सफाई कर्मियों की सेवा दे रही अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. के प्रोपराइटर को फोन कर वेतन जारी नहीं करने के लिए कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में कर्मियों का वेतन जारी नहीं किया गया तो उन्होंने कहा कि अनुबंध में स्पष्ट किया गया है कि ठेकेदार फर्म किसी भी सूरत में कर्मचारियों को वेतन नहीं रोकेंगी, भले ही पालिका से उनको मासिक भुगतान भी न किया गया हो। ईओ ने भरोसा दिलाया कि दो दिनों में कर्मचारियों को वेतन जारी करा दिया जायेगा। ऐसा नहीं होने पर ठेकेदार फर्म के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जायेगी। ईओ ने बताया कि 28 चालको को नवम्बर और दिसम्बर माह का वेतन नहीं मिला है, जबकि 369 कर्मचारियों को नवम्बर माह के वेतन का भुगतान ठेकेदार फर्म द्वारा किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि ठेकेदार फर्म आरवाई सिक्योरिटी एण्ड इंटेलिजेंस प्रा. लि. प्रयागराज और अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. के द्वारा पालिका प्रशासन को सफाई व्यवस्था के लिए कुल 397 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की सेवा प्रदान की जा रही है। इसमें ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को श्रमिकों के द्वारा शिकायत की गई थी कि ठेकेदार फर्म के द्वारा उनके वेतन से ईपीएफ और ईएसआई का फंड तो काटा जा रहा है, लेकिन इसके लिए उनके पास कोई मैसेज नहीं आ रहा है। श्रमिकों की शिकायत का संज्ञान लेकर ईओ द्वारा 31 दिसम्बर को अजय प्लानर्स एण्ड कंसल्टेंट मुजफ्फरनगर से जांच कराई गई तो बड़ा फर्जीवाडा सामने आया था। अजय प्लानर्स एण्ड कंसल्टेंट द्वारा 2 जनवरी 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट ईओ को सौंपी, इसमें बताया गया कि अलर्ट सिक्योरिटास ने ईपीएफ भुगतान में वित्तीय घोटाला किया। ठेकेदार फर्म का वास्तविक भुगतान 69494 रुपये किया गया, जबकि पालिका में फर्जी चालान जमा करते हुए ये भुगतान 1704357 रुपये दर्शाया गया। इसमें ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने 6 जनवरी को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही को ठेकेदार फर्म की विस्तृत जांच कराने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये थे। कोतवाली में अलर्ट सिक्योरिटास के खिलाफ तहरीर दी गई है।
ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट कर रिकवरी की तैयारी
नगरपालिका परिषद् में आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों के ईपीएफ में बड़ा वित्तीय घोटाला करने वाली ठेकेदार फर्म अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. के खिलाफ पालिका प्रशासन सख्त रवैया अख्तियार कर रहा है। इसमें ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट करते हुए ईपीएफ भुगतान का पैसा पाने के लिए रिकवरी की तैयारी कर ली गई है। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि अलर्ट सिक्योरिटास को आरोपों के आधार पर अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। ठेकेदार फर्म का कहना है कि ईपीएफ भुगतान किया गया है, लेकिन तकनीकी कारणों से वो पोर्टल पर अद्यतन नहीं हो पाया है। इसके लिए ठेकेदार को बुधवार को पूरे दस्तावेजों के साथ पालिका बुलाया गया है। वहीं फर्म को ब्लैकलिस्ट और ईपीएफ का भुगतान का पैसा पाने के लिए रिकवरी के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है। उन्होंने लिपिक मैनपाल सिंह, संदीप यादव और लेखा लिपिक गगन महेन्द्र को समन्वय बनाकर ठेकेदार फर्म के साथ दस्तावेजों की एक बार फिर जांच करने के लिए भी कहा है, ताकि ठेकेदार के दावे की सत्यता भी सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का एक एक पैसा फर्म से दिलाया जायेगा। इसके लिए ठेकेदार फर्म की एफडी को भी जब्त करने की कार्रवाई कराई जा रही है।

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