मुजफ्फरनगर। सपा के महासचिव सांसद हरेन्द्र मलिक ने भी समाज को शिक्षा का रास्ता दिखाते हुए कहा कि आज मेडिकल काॅलेजों की फीस इतनी बढ़ चुकी है कि यदि नीट क्वालीफाई नहीं किया तो एक करेाड़ रुपये की फीस देनी होगी। बच्चों को शिक्षा के स्तर पर निखारने का काम किया जाये। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज में बढ़ रही है, सूखा नशा ने युवाओं को बर्बाद कर दिया है। आज गांव गांव पव्वों की होम डिलीवरी हो रही है। यह नशा गांवों में हमारी कमजोरी और लापरवाही के कारण बिक रहा है। इसको रोकने के लिए समाज को आगे आना होगा। आज समाज में शादी के बाद लड़कियों का छूट-छुटाव एक नासूर की तरह फैल रहा है। यह सामाजिक शर्म के रूप में देखा जा रहा है। इसमें समाज के बुजुर्ग को आगे आना चाहिए, वो ही इस बढ़ती बीमारी को रोकने में सक्षम हैं। सांसद हरेन्द्र मलिक ने आपसी भाईचारे पर जोर देते हुए कहा कि बढ़ने का काम करो, लड़ने का काम छोड़ दो। जाट आरक्षण पर उन्होंने कहा कि हमने 1995 में यूपी विधानसभा में पहली बार यह संकल्प रखा था। इसके बाद इस लड़ाई ने तेजी पकड़ी। आरक्षण समाज का एक संरक्षण है। समाज की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पक्का मकान वाला आज अमीर माना जाता है, लेकिन समाज का दुर्भाग्य है कि आरक्षण से ही इसका उत्थान हो पायेगा। युवाओं के लिए नये रास्ते खुलेंगे। समाज को इसके लिए एकजुट होकर आंदोलन करना चाहिए।

पूर्व मंत्री के बेटे पर रहमोकरम में सवालों में फंसी मुजफ्फरनगर पुलिस ने दी सफाई
मां-बेटी से छेड़छाड़ में वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा, परिजनों के आरोपों पर एसपी सिटी ने दी सफाई, कहा-गंभीर एक्शन लिया मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में देर रात के समय घर के बाहर पाॅश कालोनी नई मंडी में टहल रही युवती और उसकी मांग के साथ हुई छेड़छाड़ की एक घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोपियों की पहचान और उनकी राजनीतिक रसूख वाली पहुंच के दबाव में हाईप्रोफाइल मामले में उनको त्वरित जमानत ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर असंतोष में नजर आया। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे





