नशा तस्करी केस से नाम हटाने के नाम पर लाखों की डील का खेल, महिला ने लगाए उत्पीड़न और धमकी के गंभीर आरोप, एसपी देहात कर रहे जांच
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और वीडियो ने कथित भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। नशा तस्करी के मामले में राहत दिलाने के नाम पर पैसों की सौदेबाजी और बाद में उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामले ने तूल पकड़ते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में तितावी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक कथित भ्रष्टाचार प्रकरण सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाने के साथ ही हड़कम्प मचाकर रख दिया। सोशल मीडिया पर रविवार को वायरल हुए एक ऑडियो और पीड़ित महिला के वीडियो के बाद पुलिस विभाग में सनसनी बनी रही। वायरल ऑडियो में शामिल बातचीत में कुछ पुलिसकर्मी नशा तस्करी के एक मामले से आरोपियों का नाम हटाने के एवज में बड़ी रकम की मांग करते सुनाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पहले 2.85 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में बातचीत के बाद 1.80 लाख रुपये पर तय हुई। इस बातचीत ने थाना स्तर पर कथित ‘सेटिंग’ के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
इसी के साथ वायरल वीडियो में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसने पुलिसकर्मियों को तय रकम दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद उसके घर पर दबिश दी गई और उसे परेशान किया गया। महिला का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसे डराया-धमकाया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी गई। मामले के सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तितावी थाना प्रभारी पवन चैधरी, कांस्टेबल नवीन और हेड कांस्टेबल अनीस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, बघरा चैकी प्रभारी प्रमोद कुमार को तितावी थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो और वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इसकी जिम्मेदारी एसपी देहात अक्षय संजय महादिक को सौंपी गई है। इससे पहले भी जिले में एक अन्य मामले में चैकी इंचार्ज को निलंबित किया जा चुका है, जिससे यह साफ है कि पुलिस विभाग लगातार अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया में सक्रिय है।






