हाईवे पर फर्जी परिवहन अधिकारी बनकर वसूली करने वाले 8 आरोपी दबोचे

रोहाना टोल प्लाजा के पास पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, नकली पर्चियां व 52 हजार से अधिक नकदी बरामद

मुजफ्फरनगर। हाईवे पर परिवहन विभाग का लोक सेवक बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का कोतवाली नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रोहाना टोल प्लाजा के पास रोहाना कट पर दबिश देकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी रंगीन पर्चियां, रिफ्लेक्टर, सीटी, नकदी और घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार बरामद की गई है।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बुधवार को पुलिस लाइन के सभाकक्ष में सीओ सिटी एएसपी सिद्धार्थ मिश्रा के साथ पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि बुधवार को सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग हाईवे पर वाहनों को रोककर स्वयं को परिवहन विभाग का कर्मचारी बताकर चालान की कार्रवाई का भय दिखा रहे हैं और धन उगाही कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली नगर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर एक साथ कार्रवाई की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन सतर्कता से सभी को मौके से पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 30 फर्जी पीली पर्ची, 44 फर्जी नीली पर्ची, 26 फर्जी लाल पर्ची और 45 सफेद सांकेतिक पर्चियां बरामद हुईं। इसके अलावा 52,690 रुपये नकद, एक थैला, तीन पेन, 23 पीले परावर्तक, 5 लाल परावर्तक, 48 सफेद परावर्तक, दो शरीर पर बांधने वाले परावर्तक बेल्ट और डोरी सहित सीटी भी बरामद की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार संख्या यूपी 11 सीटी 0623 को भी कब्जे में ले लिया है।
बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में धीरेन्द्र सिंह (हापुड़), गुलवीर राणा व शिवदीप त्यागी (बागपत), मंगेशपाल (गाजियाबाद), वरुण खोखर (दिल्ली), विजय कुमार (मेरठ), गौरख कुमार (मुजफ्फरनगर) और अनुज कुमार (सहारनपुर) शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हाईवे पर अस्थायी जांच जैसा माहौल बनाकर वाहन चालकों को रोकते थे और खुद को लोक सेवक के रूप में पेश करते हुए वाहनों के कागजात में कमी बताकर नकली चालान पर्ची थमा देते थे। रंगीन पर्चियों और परावर्तक जैकेट के माध्यम से वे खुद को अधिकृत अधिकारी प्रदर्शित करते थे, जिससे वाहन चालक भ्रमित हो जाते थे।
मामले में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 89/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। जनपद पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा की जा रही वसूली की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा केवल विधिवत पहचान पत्र और आधिकारिक दस्तावेज दिखाने वाले अधिकृत कर्मियों पर ही विश्वास करें।

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