MUZAFFARNAGAR-पालिका के टैंडर निरस्त प्रकरण में बैठी जांच

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के 149 निर्माण कार्यों के टैण्डर निरस्त किये जाने और इस प्रकरण में सभासदों पर आरोप लगाने वाले दोनों ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन, उनको मिले कार्यों और किये गये काम की जांच कराये जाने की सभासदों की मांग को लेकर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने जांच बैठा दी है। उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन करते हुए मुख्य चार बिन्दुओं पर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही एई निर्माण से भी विभागीय रिपोर्ट तलब की गयी है। कर निर्धारण अधिकारी मामले में जांच करने में जुट गये हैं।

बता दें कि नेताजी सुभाश चन्द बोस जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को पालिका में 74 निर्माण कार्यों के लिए निर्माण विभाग में टैण्डर डाले गये थे। इसी दिन ठेकेदार तुषार पचीसिया और अभिमन्यु चौहान ने पालिका में ही हंगामा करते हुए डीएम से शिकायत की थी कि कुछ सभासदों ने उनको टैण्डर नहीं डालने दिये और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए उनको निर्माण विभाग से भगा दिया तथा जान से मारने की धमकी दी है। ठेकेदारों के इन आरोपों को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया था। डीएम ने जांच करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को पालिका भेजा था। उनकी जांच में आरोप गलत पाये गये और ठेकेदारों के टैण्डर ऑनलाइन अपलोड मिले थे। सभासदों ने आरोपों को नकारते हुए ठेकेदारों पर पालिका को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए अगले दिन 24 जनवरी को डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात करते हुए ज्ञापन दिया था और टैण्डर निरस्त करने की मांग की थी। साथ ही ठेकेदारों का पालिका में रजिस्ट्रेशन फर्जी दस्तावेजों पर होने और उनके द्वारा प्राप्त किये गये टैण्डरों को निरस्त कर जांच कराये जाने की मांग की थी। इसके साथ ही 30 जनवरी की बोर्ड बैठक में भी सभासदों ने एकजुट होकर इस पर आवाज उठाई और ठेकेदारों पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे रजिस्ट्रेशन कराकर टैण्डर हासिल करने के आरोप लगाते हुए जांच कराये जाने, उनकी एफडी जब्त करने और उनको जारी टैण्डर निरस्त करने की मांग की थी।

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अब इस मामले में नया मोड़ आया है। सभासदों ने इस सम्बंध में पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप से भी 24 जनवरी को शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर चेयरपर्सन ने एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह को निर्देशित किया था कि वो शिकायत करने वाले ठेकेदारों तुषार पचीसिया और अभिमन्यु चौहान की फर्म का पालिका में रजिस्ट्रेशन की जांच करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराये। इसके साथ ही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सभासदों द्वारा डीएम से की गई शिकायत के आलोक में भी चार बिन्दुओं पर जांच करने के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार को जांच सौंपी गई है। उनके साथ जेई जलकल धर्मवीर सिंह को भी कमेटी में शामिल किया गया है। एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें ठेकेदारों की झूठी शिकायत पर टैण्डर निरस्त करने, ठेकेदारों के द्वारा फर्जी रूप से रजिस्ट्रेशन कराकर टैण्डर प्राप्त करने, सभासदों पर आरोप लगाकर सम्मान को ठेस पहुंचाने और इन ठेकेदारों द्वारा कराये गये कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराये जाने की मांग की गयी है।

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कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि चेयरपर्सन के आदेश प्राप्त हो गये हैं। मामले में सभासदों के द्वारा डीएम को दिये गये शिकायत पत्र में उठाये गये बिन्दुओं पर जांच करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस मामले में निर्माण विभाग से भी ठेकेदारों की फर्म के रजिस्ट्रेशन को लेकर जानकारी मांगी जा रही है। वहीं चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि पिछले दिनों ठेकेदारों ने जो आरोप लगाये प्रशासनिक जांच में वो बेबुनियाद पाये गये हैं। ठेकेदारों ने जो टैण्डर डाले वो पालिका के निर्माण विभाग की साइट पर ऑनलाइन अपलोड मिले हैं। ऐसे में सभासदों ने भी ठेकेदारों पर कुछ आरोप लगाये हैं, जिनको लेकर निष्पक्ष जांच कराने के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कर निर्धारण अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्यवाही की जायेगी। उधर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के स्तर से सभासदों की शिकायत पर जांच कमेटी का गठन किया गया है। कर निर्धारण अधिकारी और जेई जलकल को कमेटी में शामिल किया है। उनके स्तर से बोर्ड मीटिंग के दौरान सभासदों के द्वारा ठेकेदार अभिमन्यु चौहान पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे रजिस्ट्रेशन कराने के आरोपों को लेकर एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह को जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। उनको टैण्डर स्वीकृत होने पर भी एई और जेई निर्माण से रिपोर्ट मांगी गई है, क्योंकि टैण्डर की टैक्निकल और फाइनंेशियल बिड खुलने पर एई व जेई ही दस्तावेजों का परीक्षण करते हैं। 

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