मुजफ्फरनगर। तितावी क्षेत्र में एक अविवाहित निवासी युवक ने अपने ही घर में अवैध हथियार से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक तनावग्रस्त बताया जा रहा है। वो परिवार में रहकर खेती करने का काम करता था। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के लोगों ने किसी भी प्रकार की रंजिश या क्लेश से इंकार किया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के गाव मुकुंदपुर में सोमवार की सुबह एक युवक के द्वारा आत्महत्या करने की सूचना से सनसनी फैल गई। पुलिस को सूचना मिली तो बघरा चैकी इंचार्ज एसआई मकसूद अली मौके पर पहुंचे और इसकी खबर अपने वरिष्ठ अधिकारियो को दी। कुछ ही देर में थाना तितावी के इंचार्ज मानवेन्द्र सिंह भाटी और एसएसआई ओमेंछ्र सिंह भी फोर्स के साथ गांव मुकुंदपुर पहुंच गये थे। थानाध्यक्ष मानवेन्द्र भाटी ने बताया कि गांव निवासी 40 वर्षीय निरंकार पुत्र सुचेत सिंह ने सोमवार की सुबह तमंचे से अपने ही घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि मृतक निरंकार अविवाहित था और परिवार में रहकर खेतीबाड़ी का कार्य करता था। बताया गया कि मृतक पिछले कुछ दिनों से तनावग्रस्त दिखाई दे रहा था। सोमवार को सवेरे उसने अचानक ही आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी कनपटी पर गोली मारकर जीवन लीला को समाप्त कर लिया। उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों से बात की गई, लेकिन उन्होंने परिवार में किसी भी प्रकार से कोई रंजिश या क्लेश होने से इंकार किया है। शव का पंचनामा भरने के बाद उसको पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भिजवा दिया गया था। पुलिस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रही है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई 27 फरवरी को
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई शुक्रवार 27 फरवरी को निर्धारित की गई है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी की अग्रिम जमानत याचिका पर यह सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में होगी। अदालत ने पूर्व में 27 फरवरी की तिथि तय की थी। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा एक तथाकथित धर्मगुरु की ओर से नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा विशेष न्यायालय के आदेश पर पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया। आरोप है कि नाबालिगों





