मुजफ्फरनगर। रामपुरी में जब तीन घरों से दो मासूम भाइयों सहित छह तीर्थ यात्रियों की अर्थियां निकली तो कोहराम था, इस बीच यहां पहुंचे पूर्व सांसद और सपा नेता कादिर राणा पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नजर आये। कादिर राणा ने मृतकों की अर्थियों को कंधा दिया। वो शुक्रवार को भी रामपुरी पहुंचे थे और अनंत व दीपेश का जर्जर मकान देखकर उन्होंने 51 हजार रुपये और एक कुंतल सरिया देने का ऐलान किया था। इसके बाद जब सभी छह मृतकों के शव नदी रोड शहर श्मशान घाट पहंुचे तो सपा महासचिव एवं सांसद हरेन्द्र मलिक, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, भाकियू प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत, पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप, बसपा नेता दारा सिंह प्रजापति, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला के अलावा सभासद अर्जुन प्रजापति, रजत धीमान, भाजपा नेता राजीव गर्ग, विशाल गर्ग, सुनील दर्शन, श्रवण मोघा, सत्यवीर प्रजापति के साथ हजारों लोगों ने वहां पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। यहां एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह और एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी भी पहुंचे और पीड़ित परिजनों को शासन स्तर से हर संभव मदद के लिए आश्वासन दिया।

महिलाओं को कोई काम नहीं देगा: पीरियड्स लीव पर CJI की टिप्पणी, अनिवार्य छुट्टी की याचिका पर सुनवाई से इनकार
नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए मासिक धर्म अवकाश पर राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग वाली पीआईएल पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इसे कानूनन अनिवार्य करने से नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं और इससे लैंगिक रूढ़ियां मजबूत हो सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहाए ऐसी नीति अनजाने में लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकती है और इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो





