तेजी से झड़ रहे हैं आपके बाल? कहीं पाचन की गड़बड़ी तो नहीं है इसकी वजह

 

बालों के झड़ने के लिए जेनेटिक्स को एक बड़ा कारण माना जाता है, मतलब अगर आपके पिता को बाल झड़ने की या गंजेपन की समस्या रही है तो बच्चों में इसका खतरा अधिक होता है। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी हेयर फॉल से परेशान देखी जा रही हैं। पीसीओएस, थायरॉयड की समस्या और पोषण की कमी की वजह से महिलाओं में बालों से संबंधित दिक्कतें होती हैं। 
लाइफस्टाइल और आनुवांशिकता के अलावा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बाल झड़ने के लिए गट हेल्थ यानी आंतों से संबंधित समस्याओं को भी जिम्मेदार बताया है। मतलब अगर आपका पाचन गड़बड़ है तो इस वजह से भी बाल झड़ सकते हैं। आइए इस कनेक्शन को समझ लेते हैं।
गट हेल्थ और बाल झड़ने के बीच कनेक्शन


स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बालों का पतला-कमजोर होना, हेयरलाइन का पीछे जाना और इससे जुड़ी दूसरी समस्याएं सभी जेंडर के लोगों में तेजी से आम होती जा रही हैं। जब बात पुरुषों की हो तो ये दिक्कत और भी ज्यादा नोटिस की जाती है। पर क्या आप जानते हैं कि बालों का झड़ना सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, इसके पीछे आपका खराब पाचन भी जिम्मेदार हो सकता है।
खराब गट हेल्थ और बाल झड़ने के बीच कनेक्शन को समझने के लिए बालों का इलाज करने वाली एक निजी कंपनी ने सर्वे किया।

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कंपनी ने दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 में भारत के दस क्षेत्रों – महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु से 1.6 लाख से ज्यादा पुरुषों के हेल्थ डेटा का विश्लेषण किया।

प्रतिभागियों के गट हेल्थ की समस्या जैसे कब्ज होने, पेट खराब रहने जैसे संकेतकों पर भी गौर किया गया।

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इसमें पाया गया कि जिन पुरुषों की गट हेल्थ गड़बड़ रहता था उनमें बालों के झड़ने का खतरा अन्य की तुलना में कहीं ज्यादा देखा गया।

सर्वे में क्या पता चला?रिपोर्ट में पाया गया कि 2024 की तुलना में 2025 में बहुत कम पुरुषों ने अपनी आंतों की सेहत बेहतर होने की बात कही। विशेषज्ञों ने इसे नेशनल ट्रेंड माना, ये भारत के सबसे बड़े शहरी और आर्थिक रूप से सक्रिय राज्यों में ज्यादा देखी गई।

हजारों पुरुषों में पाचन संबंधी समस्या और पेट की क्रॉनिक स्थितियों के लक्षण के बारे में जानकारी दी। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रुझान ग्रामीण इलाकों या कुपोषण से जुड़ा हुआ नहीं है। बल्कि, यह भारत के शहरी, शिक्षित और आर्थिक रूप से सक्रिय क्षेत्रों में सबसे आम है। इससे पता चलता है कि आधुनिक जीवनशैली के तरीके एक प्रमुख कारक हैं।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन, व्यस्त दिनचर्या और लगातार काम करने की वजह से खाने के समय में अनियमितता, पानी कम पीना, तनाव जैसी स्थितियों को गट और बाल दोनों की समस्याओं को बढ़ाने वाला पाय गया।

आंतों की समस्या से बाल क्यों हो जाते हैं कमजोर?
शोधकर्ताओं ने बताया, जिन लोगों का गट हेल्थ ठीक नहीं रहता है उनमें पोषक तत्वों के अवशोषण की समस्या देखी जाती है, जो बालों के झड़ने की एक महत्वपूर्ण वजह है।

आंतें भोजन से प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन-बी का अवशोषण करती हैं जो बालों के फॉलिकल्स को मजबूत रखने के लिए जरूरी हैं।

बालों के रेशे लगभग 90% केराटिन से बने होते हैं, जो अमीनो एसिड से बना एक प्रोटीन है।

माइक्रोबायोम में गड़बड़ी के कारण आंत का काम ठीक से नहीं हो पाता, तो ये पोषक तत्व बालों के फॉलिकल्स तक सही मात्रा में नहीं पहुंच पाते।

इसका नतीजा यह होता है कि बाल संरचनात्मक रूप से कमजोर हो जाते हैं और तेजी से झड़ने लगते हैं।

इसके अलावा आंत की कमजोरी पूरे शरीर में इंफ्लेमेशन पैदा कर सकती है, जिससे बालों के बढ़ने का चक्र बिगड़ जाता है।

बाल झड़ने से कैसे रोकें?


बाल झड़ने से बचाव के लिए सबसे पहले जीवनशैली और खान-पान को सही करना जरूरी है। बाल मुख्य रूप से केराटिन प्रोटीन से बने होते हैं, इसलिए प्रोटीन से भरपूर भोजन जैसे दाल, अंडा, दूध, पनीर, सोयाबीन और नट्स का सेवन जरूरी है।

इसके अलावा आयरन, बायोटिन, विटामिन डी और जिंक बालों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

तनाव कम करना भी जरूरी है, क्योंकि क्रोनिक स्ट्रेस हेयर फॉल को बढ़ा सकता है।

योग, ध्यान और नियमित व्यायाम से तनाव कम किया जा सकता है।

अगर बाल झड़ना बहुत ज्यादा हो रहा है, तो समय रहते त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। समय रहते दवाएं या मेडिकल ट्रीटमेंट से गंजेपन के खतरे को कम किया जा सकता है।

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