मुजफ्फरनगर। शेयर मार्किट में पैसा लगाने के बाद अच्छा खासा मुनाफा कमाये जाने का झांसा देकर शातिरों ने एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया और विभिन्न स्टॉक मार्किट में शेयर खरीद के लिए युवक से 31 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। इस रकम पर एक करोड़ से ज्यादा का मुनाफा बताकर 24 लाख रुपये की और डिमांड की तो पीड़ित व्यक्ति को ठगी का संदेह हुआ। युवक ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
खतौली कस्बा के मौहल्ला सर्राफान निवासी 59 वर्षीय सैयद सफदर आजम पुत्र सैयद मौहम्मद कामिल ने साइबर थाने में ऑनलाइन फ्रॉड होने की शिकायत दर्ज कराई है। सफदर आजम ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके मोबाइल फोन पर व्हाटसएप पर स्टॉक मार्किट थिंक टैंक नामक व्हाटसएप गु्रप का लिंक भेजा गया था। सफदर ने इस लिंक पर क्लिक किया, तो वह गु्रप ज्वाइन हो गया। गु्रप के एक सदस्य ने शेयर खरीदने और बेचने के बिजनेस की जानकारी सफदर को देनी शुरू कर दी थी। इसी गु्रप पर सफदर को नीशा पटेल नामक एक महिला ने अपने फोन नम्बर से शेयर खरीदने और बेचने से उसको हुए तथाकथित प्रोफिट के स्क्रीन शॉट भी भेजने शुरू कर दिये थे।
सफदर ने पुलिस को बताया कि वो इनके झांसे में अच्छा मुनाफा मिलने के आश्वासन के कारण आ गया था और उसको कई गुना मुनाफा मिलने का लालच ये लोग देते रहे। पैसा लगाने को सफदर राजी हुए तो उनको व्हाटसएप पर ही अकाउंट खोलने का लिंक भेज दिया गया, इसके माध्यम से सफदर का प्रीवेलेज अकाउंट आईएनडी मनी एप पर खोला गया और 13 अगस्त से 02 सितम्ब्र 2025 तक शेयर खरीदने के नाम पर सफदर से शातिरों ने विभिन्न खातों में 31 लाख 18 हजार 500 रुपये की धनराशि फोन पे और एनईएफटी व आरटीजीएस के सहारे ट्रांसफर करा ली। सफदर ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन बाद उसके प्रीवेलेज अकाउंट में उसका बैलेंस प्रोफिट मिलाकर एक करोड़ 76 लाख, 42 हजार 584 रुपये दिखाने लगा। जब सफदर ने इसमें से 10 लाख रुपये निकालने का प्रयास किया तो पैसा नहीं निकला। उसको बताया गया कि यह पैसा पाने के लिए 27 लाख रुपये थर्ड पार्टी को ट्रांसफर करने होंगे, तब विड्राल होगा। सफदर ने बताया कि इसके बाद उसको ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है।

केशव मौर्य को ब्रिटेन वीजा नहीं मिला, बीच में ही लौटे लखनऊ
केशव मौर्य को ब्रिटेन वीजा नहीं मिला, जिसके चलते डिप्टी सीएम को अपना विदेश दौरा बीच में ही रद्द कर लखनऊ उत्तर प्रदेश लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को यूनाइटेड किंगडम भी जाना था, लेकिन वीजा जारी नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार की ओर से एनओसी दी गई थी। बावजूद इसके ब्रिटेन की ओर से वीजा स्वीकृत नहीं हुआ। 23 फरवरी को जर्मनी रवाना हुए थे डिप्टी सीएम केशव मौर्य 23 फरवरी को जर्मनी गए थे। 25 फरवरी तक उन्होंने फ्रैंकफर्ट और न्यूरेम्बर्ग में कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया। 25 से 27 फरवरी तक उन्हें यूनाइटेड किंगडम में रहना था। हालांकि वीजा नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम





