कानपुर- गंगा-यमुना-चंबल नदियों के किनारे के कई गांव तीसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा, रामगंगा, यमुना और चंबल नदियों का जलस्तर तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया है। कानपुर देहात में 12 हजार आबादी तीसरी बार बाढ़ की दुश्वारियां झेल रही है। कानपुर में बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा, रामगंगा, गर्रा, यमुना और चंबल नदियों के किनारे के कई गांव तीसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई रास्ते पानी में डूब गए हैं। इस वजह से कई गांवों का संपर्क कट गया है। लोग नाव से आना-जाना कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से लोगों के सामने कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। कई गांवों में बिजली नहीं है। खाने पीने का संकट भी खड़ा हो गया है। कानपुर में 15 दिनों बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार चला गया है। खतरे के निशान से केवल 27 सेंटीमीटर दूर है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा बैराज और नदी के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया है। अगले 48 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।

खतौली में अपंजीकृत क्लिनिक सील, स्वास्थ्य विभाग सख्त
खतौली में अपंजीकृत क्लिनिक सील करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। विशेष अभियान के तहत दो क्लिनिकों पर ताला लगाकर नोटिस जारी किया गया। यह कदम जनपद में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक और नर्सिंग होम के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम ने संबंधित क्लिनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों क्लिनिक अपंजीकृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि संचालक वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र या शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई। इसे भी पढ़ें: MUZAFFARNAGAR-अस्पताल पर





