226 करोड़ की सीआईआईआईटी बदलेगी मुजफ्फरनगर का भविष्यः कपिल देव

निखरेगा हुनर, चमकेंगे उद्योगः मंत्री कपिल देव ने शहर के बीच में किया सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एण्ड ट्रेनिंग का शिलान्यास

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल द्वारा बुधवार को शहर के बीच मेरठ रोड पर भविष्य की महत्वकांक्षी योजना के रूप में स्थापित होने जा रहे सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एण्ड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) का भूमि पूजन के बाद शिलान्यास किया। मंत्री कपिल देव ने कहा कि यह अत्याधुनिक केंद्र युवाओं के कौशल को नई दिशा देगा और स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे उद्योगों को नवाचार आधारित सहयोग प्रदान करेगा। 226 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र, क्षेत्र को तकनीकी उत्कृष्टता का हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसकी स्थापना से उद्योगों को जहां कौशल विकास के रूप में नई उड़ान मिलेगी तो वहीं युवाओं को भविष्य में रोजगार के नये आयाम उपलब्ध होंगे। यह केंद्र युवाओं को नई तकनीक आधारित नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में सशक्त करेगा।

बुधवार का दिन जनपद में औद्योगिक और कौशल विकास के साथ ही अत्याधुनिक प्रशिक्षण की दिशा में एक यादगार क्षण लाने वाला रहा। जनपद के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक प्रगति की नई राह पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं की कड़ी में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव ने 226 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) का मेरठ रोड स्थित कंपनी बाग के समक्ष चयनित भूमि पर पूजन के उपरांत शिलान्यास किया।

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इसके पश्चात शारदेन स्कूल में आयोजित शिलान्यास समारोह में आये उद्यमियों, व्यापारियों और युवाओं को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव ने कहा कि जनता ने मुजफ्फरनगर सीट से विधायक चुनकर बड़ी जिम्मेदारी तो सीएम योगी ने मंत्रीमंडल में कौशल विकास विभाग मंत्री बनाकर इस सम्मान को और बढ़ाने का काम किया। पहले ही दिन से यह जुनून रहा कि मुजफ्फरनगर के युवाओं का भविष्य संवारने के लिए यहां पर कुछ बड़ा किया जाये। आज यहां स्थापित हो रहा सीआईआईआईटी उन्हीं अथक प्रयासों का सुफल है। यह मुजफ्फरनगर जैसे छोटे जनपद के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकास नीति की बड़ी सौगात है। टाटा टैक्नालॉजी ने यूपी में कौशल विकास को निखारने के लिए बड़ा योगदान किया है और अपने सीएसआर फंड से यूपी के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को छह हजार करोड़ रुपये दिए हैं। इसके सहारे आईटीआई के स्वरूपों को सुधारा गया और अब सीआईआईआईटी स्थापित हो रही हैं।

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जब इसकी जानकारी उनको मिली तो वो मुजफ्फरनगर में भी यह केन्द्र लाने की मांग लेकर सीएम योगी से मिले तो सबसे पहले सवाल उन्होंने ये ही किया कि मुजफ्फरनगर में ऐसा क्या है, जो सीआईआईआईटी वहां पर दी जाये, क्योंकि ये केन्द्र यूपी के 75 जिलों में से केवल पांच जिलों में ही स्थापित होने थे। मंत्री कपिल देव ने बताया कि मैंने सीएम योगी को बताया कि मुजफ्फरनगर जिला देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन यहां पर 100 से ज्यादा स्टील्स फैक्ट्री, 25 पेपर मिलें और 250 के करीब एमएसएमई इकाईयां स्थापित हैं। सर्वाधिक गन्ना उत्पादन के कारण इस जिले को शुगर बाउल भी कहा जाता है। तब जाकर सीएम योगी ने मुजफ्फरनगर को यह सौगात दी।

मंत्री कपिल देव ने कहा कि इसके बाद इसके लिए भूमि उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती रही। यहां से भूमि चिन्हित कर शासन को भेजने के साथ ही आज इसके शिलान्यास तक इतनी तेजी से काम किया गया, जिसकी उनको भी उम्मीद नहीं थी, वो जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और विभाग के प्रमुख सचिव के सहयोग की सराहना करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आभारी हैं, जिन्होंने मुजफ्फरनगर को यह सौगात दी। मंत्री कपिल देव ने कहा कि यह केंद्र न केवल युवाओं के कौशल को निखारेगा, बल्कि उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित कर उद्योग जगत को भी नई ऊर्जा देगा। यह परियोजना भविष्य के आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखेगी। यह अत्याधुनिक केंद्र उद्योगों को नवाचार और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए युवाओं के कौशल को निखारकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य भी बनाएगा। उन्होंने कहा कि 226 करोड़ रुपये की बड़ी लागत से यह संस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। यह सीआईआईआईटी मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार का नया द्वार खोलेगा। युवाओं का भविष्य संवरेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उद्योगों को सबल मिलेगा।
विकास की ऐतिहासिक सौगात के ये बने साक्षी
226 करोड़ रुपये की सीआईआईआईटी के भूमि पूजन और शिलान्यास के ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए समारोह में भारी भीड़ उमड़ी रही। मंत्री कपिल देव के साथ समारोह में मुख्य रूप से व्यावसायिक शिक्षा कौशल विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विभाग के निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह, टाटा टैक्नालॉजी लि. पुणे के कौशल विकास इंडिया हैड रजनीकांत उपाध्याय और डिलीवरी हैड यतेन्द्र कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. सुधीर सैनी, मंडलायुक्त अटल कुमार राय, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एमडीएम उपाध्यक्ष कविता मीणा, सीडीओ कमल किशोर देशभूषण, उद्यमी राकेश बिन्दल, निरंकार स्वरूप, भीम सेन कंसल, नील कमल पुरी, आईआईए से अमित जैन, अमित गर्ग, सुखदर्शन बेदी, आलोक भूषण शारदेन, धारा रतन, ममता अग्रवाल, अनुराधा वर्मा, अनिल ऐरन, विकल्प जैन, सुरेन्द्र मंगल, विशाल गर्ग, शरद शर्मा, विपुल भटनागर, दिनेश मोहन एडवोकेट, सुरेन्द्र अग्रवाल, डॉ. पुरुषोत्तम, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, डॉ. सुभाष चन्द शर्मा, अश्वनी त्यागी, दीपक मित्तल, नंद किशोर पाल, विजय शुक्ला, सत्यपाल पाल, सभासद मोहित मलिक, रजत धीमान, नवनीत गुप्ता, अमित पटपटिया, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, प्रशांत गौतम, व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल, शलभ गुप्ता, संजय मिश्रा, संजय मित्तल सहित सैंकड़ों उद्यमी, व्यापारी और युवा मौजूद रहे।

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सीआईआईआईटी-टाटा ही बनायेगा, टाटा ही चलायेगा
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर बनने जा रहा सीआईआईआईटी भविष्य की बड़ी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इसके बनने से हर साल 1600 कुशल युवा प्रशिक्षण पाकर अपने रोजगार को स्थापित करने के काबिल बन पायेंगे या उनको उद्योगों की मांग के अनुसार अपना हुनर दिखाने के काबिल बनाने का काम किया जायेगा।
बुधवार को हुए शिलान्यास समारोह में सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एण्ड ट्रेनिंग केन्द्र का निर्माण करने वाली टाटा टैक्नालॉजी लि. पुणे के कौशल विकास इंडिया हैड रजनीकांत उपाध्याय और डिलीवरी हैड यतेन्द्र कुमार ने केन्द्र की स्थापना, निर्माण और संचालन को लेकर पीपीटी प्रजेंटेशन पर विस्तृत जानकारी दी। रजनीकांत उपाध्याय ने बताया कि टाटा टैक्नालॉजी पूरे देश में ऐसे 25 सेंटर बना रही है। यूपी के पांच जिलों में ये सीआईआईआईटी बनाने जा रही है। इनमें लखनऊ के मलीहाबाद, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर के जेवर, बरेली और जनपद मुजफ्फरनगर शामिल हैं। प्रत्येक केन्द्र पर 226.52 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जा रही है।

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इस बजट का 13 प्रतिशत यूपी सरकार और शेष 87 प्रतिशत धनराशि टाटा टैक्नालॉजी तथा कंपनी के पार्टनर उद्योग अपने सीएसआर फंड से वहन कर रहे हैं। टाटा ही इस केन्द्र का निर्माण करा रही है और आठ माह की टाइमलाइन विभाग ने तय की है। बताया कि मई 2026 से सीआईआईआईटी में प्रवेश प्रारम्भ कर दिये जायेंगे। इसमें 16 कौशल केन्द्र स्थापित होंगे और 14 कोर्स संचालित किये जायेंगे। ये सभी औद्योगिक स्तर पर की जा रही कौशल विकास की मांग को लेकर तैयार किये गये हैं और इन कोर्स में युवाओं को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। कोर्स चार माह के होंगे और प्रत्येक वर्ष इस केन्द्र से 1600 कुशल युवा निकलेंगे और इनको ओटोमोटिव, इलेक्ट्रिक, टैक्साटाइल सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र में आजीविका के बड़े अवसर मिलेंगे। ये सेंटर औद्योगिक विकास में नई क्रांति लायेंगे। बताया कि पांच साल तक टाटा ही इन सेंटर का संचालन करेगी और अपने छह विशेष प्रशिक्षक यहां तैनात करेगी। इसके बाद आईटीआई के ट्रेड प्रशिक्षकों को छह माह का विशेष प्रशिक्षण देने के बाद ये सेंटर आईटीआई को हैंड ओवर करने की योजना है।

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