मुजफ्फरनगर-पटाखा व्यापारियों पर प्रशासन की कड़ी नजर, अफसरों ने निरीक्षण

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

मुजफ्फरनगर। कानपुर में हाल ही में हुई ब्लास्ट की घटना से सबक लेते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस और प्रशासन हादसों को रोकने लिए पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। इसके लिए ही जनपद में चैकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। इसमें दीपावली से पूर्व जनपद में पटाखों की बिक्री को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में नई मंडी क्षेत्र में पटाखा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया और पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों ने इन प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर सुरक्षा बंदोबस्त और पटाखों के वैध भण्डारण तथा बिक्री की जांच पड़ताल करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
कानपुर में हुए हालिया पटाखा ब्लास्ट की भयावह घटना ने प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई शुरू कर दी है। दीपावली जैसे बड़े पर्व से पहले जिले में पटाखा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। नई मंडी में पुलिस प्रशासन की टीम ने कई पटाखा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, सीओ नई मंडी राजू साव तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने पटाखा व्यापारियों की दुकानों और गोदामों की गहन जांच की तथा सुरक्षा के सभी मानकों की समीक्षा की।

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चेकिंग के दौरान व्यापारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए कि वे आग से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं। विशेष रूप से पानी, रेत और अग्निशमन यंत्रों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने कहा कि कानपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हम पूरी तरह सतर्क हैं। सभी व्यापारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। पुलिस और प्रशासन की इस सक्रियता से आम जनता में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। दीपावली पर्व से पहले चलाया गया यह अभियान जनहित और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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