मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चरथावल रोड स्थित गांव सलेमपुर के पास अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज गूंज उठी। गोलीबारी में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, सलेमपुर गांव के निकट शुक्रवार शाम कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। इस घटना में गांव सलेमपुर निवासी दीपांशु उर्फ संदीप (32 वर्ष) पुत्र हरेन्द्र चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी युवक वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर नगर कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल दीपांशु को तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों में प्रधानी चुनाव को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों ही पक्ष एक ही जाति से संबंध रखते हैं और कुछ समय से आपसी तनाव बना हुआ था। इसी विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस ने चुनावी रंजिश की बात से फिलहाल इंकार किया है। नगर कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह वर्मा ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। गोली चलने के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनकी तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और आरोपियों की तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं, घायल युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पहले भी आरोपियों द्वारा धमकी दी जा चुकी थी, लेकिन पुलिस ने तब कोई कार्रवाई नहीं की। इस गोलीकांड ने एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है।

अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर ईरान के राजदूत का बयान
अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो जाने के बाद मिडिल ईस्ट का संकट और गहरा गया है। इस घटना के बाद उनके अंतिम क्षणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई अपनी सुरक्षा के लिए किसी बंकर में नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि वे अंतिम समय तक राष्ट्रपति भवन के अपने कार्यालय में ही मौजूद रहे। राजदूत ने पश्चिमी मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि खामेनेई हमले के डर से बंकर में चले





