सतीश चंद गोयल ने कहा-वीर बाल दिवस श्री गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों की अद्वितीय वीरता, धर्मनिष्ठा और सर्वाेच्च बलिदान को नमन करने का दिन है
मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादोंकृकी वीरता, बलिदान और शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाषण, कविता पाठ एवं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से साहिबजादों के अद्भुत साहस, धर्म के प्रति अटूट आस्था और बलिदान को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल प्रांगण में आज वीर बाल दिवस पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, श्री गुरू सिंह सभा के प्रधान सतपाल सिंह मान और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इन अतिथियों का एम.जी. चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल, एम.जी. मैनेजमेंट कमेटी के उपाध्यक्ष विनीत सिंघल और कोषाध्यक्ष रोहित सिंघल के साथ प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने विद्यालय प्रांगण में पधारने पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोविंद सिंह जी और उनके साहिबजादों के बलिदान को नमन के साथ हुई। कक्षा 9 से 12 तक के छात्र छात्राओं ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर गुरु की महिमा का प्रदर्शन किया। कक्षा 9 की छात्र मैत्री ने भाषण तो कक्षा 2 की समृद्धि और कक्षा 3 के छात्र आदित्य ने कविता पाठ किया। रवलीन, रबनीत और नवनीत ने सबद कीर्तन प्रस्तुत किया। छात्र छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से चारों साहिबजादों और माता गुजरी की शहीदी का भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण किया। कक्षा 12 के छात्र आशु और कक्षा 2 के छात्र शिवाय की औजपूर्ण कविता पाठ ने सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाट्य प्रस्तुति, भावपूर्ण कविताएँ एवं प्रेरक सबद, वक्तव्यों ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और गर्व से भर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने साहिबज़ादों के बलिदान की गाथा को जीवंत कर दिया और सभी श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

मुख्य अतिथि मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वीर साहिबज़ादों के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, साहस, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन के मूल मंत्र के रूप में अपनाएँ। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्यबोध को और अधिक मजबूत करते हैं। गुरु सिंह सभा के प्रधान सतपाल सिंह मान ने चारों साहिबजादों की शहीदी के पूरे इतिहास को बच्चों के सामने रखा। चेयरमैन सतीश चंद गोयल ने कहा कि यह आयोजन सिख इतिहास के अमर नायककृश्री गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों की अद्वितीय वीरता, धर्मनिष्ठा और सर्वाेच्च बलिदान को नमन करने हेतु समर्पित है। इतनी अल्प आयु में साहिबज़ादों द्वारा प्रदर्शित साहस, आत्मबल और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण सम्पूर्ण मानवता के लिए एक महान आदर्श है।

प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि वीर बाल दिवस हमें यह संदेश देता है कि सच्चाई, साहस और आत्मसम्मान के लिए किसी भी उम्र में बलिदान देने का जज़्बा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और वीरता की भावना को जागृत करने का प्रयास किया। विद्यार्थियों से साहिबजादों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुरु साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सतपाल सिंह हंसपाल, सचिव अजीत सिंह मलिक, ज्ञानी हरजीत सिंह, जसप्रीत सिंह चावला, कश्मीर सिंह बजाज, हरजीत सिंह चावला, हरजीत सिंह गुराया, गुरचरण सिंह बराड, कश्मीर सिंह चहल, रविन्द्र सिंह पुरी, बलविन्द्र सिंह, निखिल छाबड़ा, सतनाम सिंह हंसपाल आदि मौजूद रहे। संचालन दीपाली गोयल ने किया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।






